
आसमां में सुराख़ यानि कोयला से उजाले की कहानी : राजीव रंजन की जुबानी
<p> <big><span [removed]="" 14.4px;"="">कोल इंडिया की विभिन्न अनुषंगी कंपनियों में गुरुतर दायित्व निभा चुके श्री राजीव रंजन अपने इस लेखकीय सफ़र के आग़ाज़ को,कोयला उद्योग से उन्हें प्राप्त आत्मीयता और समर्थन से उऋण होने की विनम्र कोशिश भर मानते हैं।</big></p>



















