कोलकाता, 16 सितंबर 2026 — पश्चिम बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (WBPDCL) ने देश में पहली बार राज्य बिजली यूटिलिटी के रूप में अपने कैप्टिव उपभोग के बाहर कोयला बेचने का रास्ता खोल दिया है। महारत्न पीएसयू NTPC के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर WBPDCL ने कोयला बिक्री का नया अध्याय शुरू किया है।

WBPDCL-NTPC कोयला बिक्री समझौता: क्या है खास?

वरिष्ठ बिजली विभाग अधिकारी ने मंगलवार को पुष्टि करते हुए बताया कि WBPDCL ने NTPC के साथ 5 लाख टन कोयला बेचने का MoU साइन किया है। यह आपूर्ति 31 मार्च 2027 तक पूरी हो जाएगी। पहली रेक, जिसमें 3,500 टन कोयला है, तारा कोल माइंस से लोड हो रही है।

NTPC इस कोयले को ई-ऑक्शन निर्धारित कीमत पर खरीदेगा। अधिकारियों के अनुसार, कीमत तब तय होगी जब WBPDCL 3 मिलियन टन कोयले की ई-ऑक्शन बिक्री करेगा।

3.5 मिलियन टन कोयला बिक्री से 1,000 करोड़ से अधिक की कमाई का अनुमान

WBPDCL ने कैप्टिव खपत के अलावा तीन मिलियन टन कोयला ई-ऑक्शन के जरिए बेचने की योजना बनाई है। NTPC को दी जाने वाली 5 लाख टन सहित कुल 3.5 मिलियन टन कोयले की बिक्री से राज्य बिजली यूटिलिटी को औसत 3,000 रुपये प्रति टन की कीमत पर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी होने की उम्मीद है।

यह कदम न सिर्फ WBPDCL के राजस्व को बढ़ाएगा बल्कि पश्चिम बंगाल के कोयला उत्पादन और बिजली क्षेत्र में नई संभावनाएं भी खोलेगा।

तारा कोल माइंस से शुरू हुई पहली सप्लाई

तारा कोल माइंस से पहली रेक की लोडिंग के साथ ही यह ऐतिहासिक सप्लाई शुरू हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य पावर यूटिलिटी का बाहरी ग्राहक को कोयला बेचना देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा।

पश्चिम बंगाल बिजली क्षेत्र में कोयला बिक्री का महत्व

अब तक राज्य बिजली कंपनियां मुख्य रूप से अपने खुद के बिजली घरों के लिए कोयला इस्तेमाल करती थीं। WBPDCL का यह कदम दिखाता है कि राज्य सरकार अपनी कोयला खदानों का बेहतर व्यावसायिक उपयोग करना चाहती है। NTPC जैसी बड़ी कंपनी को सप्लाई मिलने से WBPDCL की विश्वसनीयता और बाजार में स्थिति मजबूत होगी।

ई-ऑक्शन के जरिए 3 मिलियन टन कोयले की बिक्री से पारदर्शिता भी बढ़ेगी और बाजार मूल्य पर सही कीमत मिलने की संभावना है।

यह विकास पश्चिम बंगाल के ऊर्जा क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। आगे ई-ऑक्शन और NTPC को नियमित सप्लाई की अपडेट्स पर नजर रखना जरूरी होगा।