आईआरसीटीसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के साथ कैंटीन कैटरिंग सेवाओं के लिए समझौता किया
इस एमओयू के मुताबिक आईआरसीटीसी कलकत्ता हाईकोर्ट कैंटीन का प्रबंधन और संचालन करेगा। यहां कोर्ट के कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और आगंतुकों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यह सहयोग आईआरसीटीसी के लिए नई दिशा खोलता है। अब कंपनी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों तक सीमित न रहकर सरकारी और न्यायिक संस्थानों में भी अपनी कैटरिंग सेवाएं पहुंचा रही है।

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने कलकत्ता हाईकोर्ट के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत आईआरसीटीसी हाईकोर्ट के कैंटीन में कैटरिंग सेवाएं उपलब्ध कराएगा। यह समझौता आईआरसीटीसी के ईस्ट जोन ने किया है।
इस एमओयू के मुताबिक आईआरसीटीसी कलकत्ता हाईकोर्ट कैंटीन का प्रबंधन और संचालन करेगा। यहां कोर्ट के कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और आगंतुकों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यह सहयोग आईआरसीटीसी के लिए नई दिशा खोलता है। अब कंपनी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों तक सीमित न रहकर सरकारी और न्यायिक संस्थानों में भी अपनी कैटरिंग सेवाएं पहुंचा रही है।
क्या है समझौते की खास बात?
आईआरसीटीसी लंबे समय से रेल यात्रियों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए जानी जाती है। अब वही अनुभव कोलकाता स्थित हाईकोर्ट कैंटीन में भी मिलेगा। ईस्ट जोन के तहत यह परियोजना चलाई जाएगी। कंपनी का फोकस स्वच्छता, स्वाद और नियमित सप्लाई पर रहेगा ताकि कोर्ट परिसर में काम करने वाले लोग आसानी से अच्छा खाना पा सकें।
यह कदम आईआरसीटीसी की संस्थागत कैटरिंग सेवाओं को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पहले जहां सेवाएं मुख्य रूप से रेल नेटवर्क तक सीमित थीं, अब उच्च न्यायालय जैसे प्रतिष्ठित स्थानों तक पहुंचने से कंपनी का विस्तार और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेगी।
कोलकाता हाईकोर्ट कैंटीन में क्या बदलेगा?
हाईकोर्ट परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में वकील, स्टाफ और आगंतुक आते हैं। अच्छी क्वालिटी का खाना मिलना यहां हमेशा से जरूरी रहा है। आईआरसीटीसी के आने से कैंटीन में मेन्यू में विविधता, हाइजीन स्टैंडर्ड और टाइमली सर्विस पर जोर दिया जाएगा। इससे कोर्ट परिसर के माहौल में भी सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार सरकारी और न्यायिक संस्थानों में ऐसी साझेदारी से दोनों पक्षों को फायदा होता है। एक तरफ संस्थान को विश्वसनीय कैटरिंग पार्टनर मिलता है, दूसरी तरफ आईआरसीटीसी को नया बाजार और अनुभव मिलता है।
आईआरसीटीसी की कैटरिंग सेवाओं का विस्तार
आईआरसीटीसी पिछले कुछ वर्षों में सिर्फ ट्रेन और स्टेशन तक सीमित नहीं रही। कंपनी ने विभिन्न संस्थानों में कैटरिंग का ठेका लिया है। कलकत्ता हाईकोर्ट के साथ यह समझौता उसी श्रृंखला की कड़ी है। ईस्ट जोन इस क्षेत्र में पहले से सक्रिय है और अब हाईकोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर सेवा देकर अपनी क्षमता साबित करेगा।
यह सहयोग गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित सप्लाई और ग्राहक संतुष्टि पर आधारित रहेगा। आईआरसीटीसी के पास अनुभव, सप्लाई चेन और प्रशिक्षित स्टाफ है, जो इस तरह की जिम्मेदारी निभाने के लिए उपयुक्त है।
आगे क्या?
समझौते के बाद जल्द ही कैंटीन का संचालन आईआरसीटीसी के हाथ में आने की उम्मीद है। कोर्ट प्रशासन और आईआरसीटीसी दोनों पक्षों के बीच नियमित समन्वय से सेवाओं का स्तर बनाए रखा जाएगा। स्थानीय लोगों और कोर्ट परिसर से जुड़े लोगों के लिए यह अच्छी खबर है क्योंकि अब उन्हें बेहतर कैटरिंग सुविधा मिल सकेगी।
आईआरसीटीसी का यह कदम दिखाता है कि सरकारी कंपनियां भी नए क्षेत्रों में जाकर अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही हैं। रेलवे से जुड़े अनुभव को अब न्यायिक संस्थानों तक पहुंचाने से दोनों क्षेत्रों को लाभ होगा।
(नोट: यह जानकारी आधिकारिक घोषणा पर आधारित है। आगे के अपडेट के लिए आईआरसीटीसी और कलकत्ता हाईकोर्ट के आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।)
