नई दिल्ली, 16 सितंबर 2026: दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (डीवीसी) ने 15 सितंबर 2026 को टाटा एल्क्सी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मकसद एक विश्व स्तरीय एक्सपेरिएंशियल सेफ्टी ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करना है। यह केंद्र इमर्सिव डिजिटल लर्निंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके कर्मचारियों के लिए सुरक्षा प्रशिक्षण को ज्यादा आकर्षक और असरदार बनाएगा।

डीवीसी पूरे दामोदर वैली क्षेत्र में परिचालन सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता देता रहा है। टाटा एल्क्सी की तकनीकी, डिजाइन और नवाचार विशेषज्ञता के साथ मिलकर यह केंद्र निरंतर सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करेगा और सुरक्षा जागरूकता को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। दोनों संगठन इसे आधुनिक और टिकाऊ सुरक्षा संस्कृति बनाने की दिशा में एक ठोस कदम मान रहे हैं।

एक्सपेरिएंशियल सेफ्टी ट्रेनिंग सेंटर क्या है और क्यों जरूरी है?

पारंपरिक सुरक्षा प्रशिक्षण अक्सर किताबी या कक्षा-आधारित होता है, जिससे कर्मचारी पूरी तरह जुड़ नहीं पाते। एक्सपेरिएंशियल सेफ्टी ट्रेनिंग सेंटर में इमर्सिव डिजिटल लर्निंग का इस्तेमाल होगा। इसमें वर्चुअल रियलिटी, सिमुलेशन और इंटरैक्टिव मॉड्यूल शामिल होंगे। कर्मचारी वास्तविक परिस्थितियों के करीब अनुभव कर सकेंगे। इससे सीखने की गति बढ़ेगी और याददाश्त भी मजबूत होगी।

डीवीसी के कर्मचारियों के लिए यह खास तौर पर फायदेमंद साबित होगा। दामोदर वैली क्षेत्र में बिजली उत्पादन और संबंधित कार्यों में सुरक्षा का स्तर ऊंचा रखना बेहद जरूरी है। नया केंद्र निरंतर सीखने को बढ़ावा देगा और पूरे संगठन में सुरक्षा जागरूकता फैलाएगा।

डीवीसी-टाटा एल्क्सी साझेदारी के मुख्य लाभ

  • आधुनिक तकनीक: इमर्सिव डिजिटल लर्निंग से प्रशिक्षण रोचक बनेगा।
  • व्यापक पहुंच: वैली क्षेत्र के सभी कर्मचारियों तक बेहतर सुरक्षा शिक्षा पहुंचेगी।
  • दीर्घकालिक प्रभाव: सिर्फ एक बार का प्रशिक्षण नहीं, बल्कि निरंतर सीखने की संस्कृति बनेगी।
  • संयुक्त विशेषज्ञता: डीवीसी का परिचालन सुरक्षा फोकस और टाटा एल्क्सी का टेक्नोलॉजी-डिजाइन अनुभव एक साथ आएगा।

यह समझौता दोनों संगठनों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सुरक्षा को सिर्फ नियमों तक सीमित रखने के बजाय अनुभव आधारित बनाने का यह प्रयास भविष्य की दिशा तय कर रहा है।

डीवीसी और टाटा एल्क्सी की यह साझेदारी भारतीय ऊर्जा क्षेत्र में सुरक्षा प्रशिक्षण के नए मानदंड स्थापित कर सकती है। जैसे-जैसे केंद्र तैयार होगा, कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा और समग्र सुरक्षा संस्कृति मजबूत होगी।

(लेख में दी गई जानकारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।)