नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026 — इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय परिसर में स्थित 756 स्टाफ क्वार्टरों को घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे।

समझौते पर दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने हस्ताक्षर किए। यह कदम देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में से एक में स्वच्छ और निरंतर प्राकृतिक गैस आपूर्ति का विस्तार करने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह समझौता?

देश भर में स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन और शहरी आवासीय क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे बड़े परिसर में PNG कनेक्शन उपलब्ध कराना इसी राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है। इससे स्टाफ क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों को सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन मिलेगा।

पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) सिलेंडर की तुलना में ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित मानी जाती है। इसमें बार-बार सिलेंडर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती और गैस की आपूर्ति निरंतर बनी रहती है।

क्या फायदे होंगे?

  • स्वच्छ ऊर्जा: प्राकृतिक गैस जलने पर कम प्रदूषण करती है, जिससे परिसर का पर्यावरण बेहतर रहेगा।
  • सुविधा: घरों में पाइपलाइन के जरिए सीधे गैस पहुंचेगी।
  • सुरक्षा: लीकेज की संभावना कम और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित।
  • लागत बचत: लंबे समय में सिलेंडर की तुलना में ज्यादा किफायती।

यह पहल दिल्ली विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ-साथ स्वच्छ ईंधन अपनाने की दिशा में एक मिसाल पेश करेगी।

आगे की राह

IGL पहले से ही दिल्ली-एनसीआर में बड़े पैमाने पर PNG नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी से यह नेटवर्क और मजबूत होगा। आने वाले समय में और अधिक आवासीय क्षेत्रों तथा संस्थानों में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

यह समझौता सिर्फ गैस कनेक्शन देने तक सीमित नहीं है। यह स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ते भारत की एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण कहानी है, जहां शैक्षणिक संस्थान भी पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं को अपना रहे हैं।

स्रोत: इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और दिल्ली विश्वविद्यालय का आधिकारिक समझौता (12 सितंबर 2026)