नई दिल्ली, सितंबर 2026 – भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर (आईआईटीजीएन) और गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण और पेशेवर विकास के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी संयुक्त अनुसंधान एवं विकास, विशेष प्रशिक्षण और ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी। साथ ही आईआईटी गांधीनगर के पेशेवर शैक्षणिक कार्यक्रमों में भागीदारी के अवसर भी प्रदान करेगी।

समझौते के तहत आईआईटीजीएन के छात्रों को इंटर्नशिप और अन्य सहयोगात्मक गतिविधियों के माध्यम से वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का अनुभव मिलेगा। इस समझौता ज्ञापन पर गुजरात एटीएस के उप महानिरीक्षक सुनील जोशी, आईपीएस और आईआईटीजीएन के अनुसंधान एवं विकास डीन प्रोफेसर विमल मिश्रा ने हस्ताक्षर किए।

सहयोग के प्रमुख उद्देश्य

यह साझेदारी सुरक्षा एजेंसियों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच तकनीकी सहयोग का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके मुख्य फोकस क्षेत्र हैं:

  • संयुक्त अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास
  • विशेष प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम
  • ज्ञान आदान-प्रदान और पेशेवर विकास
  • छात्रों के लिए इंटर्नशिप और व्यावहारिक अनुभव के अवसर

गुजरात एटीएस जैसे सुरक्षा बलों को आधुनिक तकनीक और शोध आधारित समाधान उपलब्ध कराने के साथ ही आईआईटी गांधीनगर के छात्रों को सुरक्षा और आतंकवाद निरोधी चुनौतियों से जुड़ी वास्तविक समस्याओं का अनुभव मिलेगा। यह सहयोग दोनों पक्षों के लिए लाभकारी साबित होने की उम्मीद है।

आईआईटी गांधीनगर और गुजरात एटीएस सहयोग का महत्व

आईआईटी गांधीनगर लंबे समय से अनुसंधान और नवाचार पर जोर देता रहा है। गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड के साथ यह समझौता सुरक्षा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के उपयोग को और मजबूत करेगा। दोनों संस्थान संयुक्त रूप से उन क्षेत्रों में काम करेंगे जहां प्रौद्योगिकी सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकती है।

इस एमओयू से न केवल शोध परियोजनाएं आगे बढ़ेंगी बल्कि छात्रों को व्यावसायिक अनुभव भी मिलेगा। आईआईटीजीएन के प्रोफेशनल अकादमिक कार्यक्रमों में एटीएस अधिकारियों की भागीदारी भी संभव होगी जिससे दोनों पक्षों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान होगा।

आगे की संभावनाएं

यह साझेदारी गुजरात और पूरे देश में सुरक्षा-तकनीक सहयोग का उदाहरण बन सकती है। आईआईटी गांधीनगर और गुजरात एटीएस के बीच यह सहयोग अनुसंधान आधारित समाधानों को बढ़ावा देगा और छात्रों को सुरक्षा क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों से जोड़ने में मदद करेगा।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले सुनील जोशी, आईपीएस और प्रोफेसर विमल मिश्रा ने इस सहयोग को दोनों संस्थानों के लिए उपयोगी बताया है। आने वाले समय में दोनों पक्ष इस एमओयू के तहत विभिन्न गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।