नई दिल्ली/मुंबई। इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) को अफ्रीका के सबसे बड़े औद्योगिक समूह डैंगोट ग्रुप के साथ एक और ऐतिहासिक साझेदारी मिली है। कंपनी ने केन्या में बनने वाले 7 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाले ग्रीनफील्ड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (PMC) और EPCM कंसल्टेंट का ठेका हासिल किया है। इस कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा है।

डैंगोट ग्रुप और EIL की पुरानी साझेदारी

नाइजीरिया के लागोस स्थित डैंगोट ग्रुप पश्चिम अफ्रीका का सबसे प्रभावशाली बहुराष्ट्रीय समूह है। तेल-गैस, माइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फर्टिलाइजर, सीमेंट, शुगर और फूड सेक्टर में इसकी मजबूत मौजूदगी है। यह ग्रुप 17 अफ्रीकी देशों में काम करता है और क्षेत्र का सबसे बड़ा नियोक्ता भी है।

इसकी फ्लैगशिप परियोजना लेक्की फ्री जोन में 6.5 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली इंटीग्रेटेड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-ट्रेन रिफाइनरी मानी जाती है। यहां यूरो-V क्वालिटी गैसोलीन, डीजल, जेट फ्यूल और पॉलीप्रोपाइलीन का उत्पादन हो रहा है। अब इसे 14 लाख बैरल प्रतिदिन तक विस्तारित किया जा रहा है।

EIL ने पहले भी इस लेक्की रिफाइनरी प्रोजेक्ट में PMC और EPCM कंसल्टेंट के रूप में काम किया था। उसी सफल अनुभव के आधार पर डैंगोट ग्रुप ने केन्या वाले नए प्रोजेक्ट के लिए भी EIL को चुना है।

केन्या प्रोजेक्ट क्यों महत्वपूर्ण है

डैंगोट ग्रुप अब पूर्वी अफ्रीका में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है। केन्या में प्रस्तावित 7 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट क्षेत्रीय मांग को पूरा करने के साथ-साथ व्यापक क्रूड बास्केट को प्रोसेस करने के लिए बनाई जा रही है।

एक बार पूरा होने के बाद यह प्रोजेक्ट पूर्वी अफ्रीका में ईंधन उत्पादन बढ़ाएगा, आयात पर निर्भरता कम करेगा और क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा। साथ ही वैश्विक बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

EIL की भूमिका और विशेषज्ञता

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन काम करने वाली EIL तेल-गैस, रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फर्टिलाइजर, मेटलर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और रENEWABLE एनर्जी सेक्टर में कॉन्सेप्ट से लेकर कमीशनिंग तक पूरी परियोजना जीवनचक्र की विशेषज्ञता रखती है।

कंपनी ने कहा है कि यह कॉन्ट्रैक्ट EIL की क्षमता और बड़े जटिल प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के ट्रैक रिकॉर्ड पर भरोसे का सबूत है। EIL अपने दशकों के अनुभव, मल्टी-डिसिप्लिनरी स्ट्रेंथ और ग्लोबल एग्जिक्यूशन मॉडल के साथ डैंगोट के इस प्रोजेक्ट को दुनिया के सबसे उन्नत और पूरी तरह इंटीग्रेटेड एनर्जी कॉम्प्लेक्स में से एक बनाने में मदद करेगी।

यह साझेदारी भारत और अफ्रीका के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करती है। EIL जैसे भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की तकनीकी क्षमता अब वैश्विक स्तर पर बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित हो रही है।