नई दिल्ली: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 17 मई, 2023 को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) और मिस्र प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण (ईसीए) के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हेतु स्‍वीकृति प्रदान की गई है।
 
 
 
कार्यान्वयन रणनीति और लक्ष्य:
 
समझौता ज्ञापन सूचना के आदान-प्रदान, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के साथ-साथ विभिन्न क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से प्रतिस्पर्धा कानून और नीति में सहयोग को बढ़ावा देने तथा सुदृढ़ करने पर ध्‍यान केंद्रित करता है। इसका उद्देश्य सीसीआई और ईसीए के बीच संबंधों को विकसित और सुदृढ़ बनाना है। इसके अतिरिक्‍त दोनों देशों के बीच अनुभवों की साझेदारी और तकनीकी सहयोग के माध्यम से संबंधित अधिकार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा कानून के प्रवर्तन में एक दूसरे के अनुभवों से सीखना और अनुकरण करना है।
 
प्रभाव:
 
समझौता ज्ञापन प्रवर्तन पहल के आदान-प्रदान के माध्यम से भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग को मिस्र की प्रतिस्पर्धा एजेंसी के अनुभव का अनुकरण करने और सीखने में सक्षम करेगा। सीसीआई द्वारा प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के प्रवर्तन में सुधार करने में सहायत मिलेगी। इससे बड़े स्‍तर पर उपभोक्ताओं को लाभ होगा और इक्विटी तथा समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा।
 
पृष्ठभूमि:
 
प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 18 सीसीआई को अधिनियम के अंतर्गत अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने या अपने कार्यों को करने के उद्देश्य से किसी भी विदेशी देश की किसी भी एजेंसी के साथ किसी भी ज्ञापन या व्यवस्था में शामिल करने की अनुमति देती है। वर्तमान प्रस्ताव भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और मिस्र प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने से संबंधित है।