
टीम वेकोलि ने दी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और शास्त्रीजी को आदरांजलि
<div> <big>मुख्यालय में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार ने बापू और शास्त्री जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।</big></div> <div> </div>

<div> <big>मुख्यालय में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार ने बापू और शास्त्री जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।</big></div> <div> </div>

<div> <big>खनन प्रमुख ने उत्पादन में 47% की वृद्धि दर्ज की जो अब तक स्थापना के बाद किसी भी सितंबर महीने में सबसे अधिक और सीपीएलवाई की तुलना में बिक्री में 30% की वृद्धि दर्ज की गई। </big></div> <div> </div>

<p> <span [removed] 14.4px;">गांधी जयंती के अवसर पर देष के प्रति उनके त्याग और समर्पण याद किया गया।</span></p>

<div> <big>मुख्य अतिथि श्री ओ पी सिंह, निदेशक (तकनीकी / संचालन) ने एमसीएल के सभी महाप्रबंधकगण व वरिष्ठ अधिकारियों तथा कर्मियों को स्वच्छता की शपथ दिलायी। </big></div> <div> </div>

<p> <span [removed]="" 14.4px;"="">इस साल की शुरुआत में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णय के अनुरूप आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) को शुक्रवार से भंग कर दिया गया।</p>

<p> <span [removed] 14.4px;">श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा श्रीमती पुष्पिता पण्डा, उपाध्यक्षा श्रीमती संगीता शर्मा, श्रीमती पिंकी प्रसाद, श्रीमती कल्पना चौधरी व श्रीमती रीता पाल ने छाऋाओं को शुद्ध व शीतल जल उपलब्ध कराने के लिये वाटर फिल्टर आरओ व वाटर कूलर प्रदान किया। </span></p>

<div> <big>भारत सरकार के संयुक्त सचिव (एफए) सुश्री निरूपमा कोतरू ने एनसीएसएम के डायरेक्टर जनरल श्री ए.डी. चौधरी से मुलाकात कर प्रस्तावित माईन माडल की डिजाईन व संबंधित पहलुओं को अंतिम रूप देने पर चर्चा की। </big></div> <div> </div>

<p> <span [removed] 14.4px;">वर्तमान वित्त वर्ष में एनएमडीसी 47 एमटी उत्पादन करने की आशा करता है। इसको आबंटित किए गए 2 कोयला ब्लॉकों में वित्त वर्ष 22 की चौथी तिमाही से उत्पादन होगा।</span></p>

<p> <span [removed] 14.4px;">कंपनी भारत, नेपाल तथा भूटान में जलविद्युत, ताप, सौर तथा पवन क्षेत्रों में परियोजनाओं को निष्पादित कर रही है।</span></p>

<p> <span [removed] 14.4px;">कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं विभागाध्यक्षों द्वारा वीणावादिनी में सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित किया गया उपरांत महाप्रबंधक (कार्मिक / प्रशासन) श्री ए. के सक्सेना द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया गया।</span></p>


<p> <span [removed] 14.4px;">वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) एक अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास संगठन है जो विविध विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अपने व्यापक ज्ञान के के लिए जाना जाता है।</span></p>

<p> <span [removed] 14.4px;">पैनल चर्चा का संचालन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल कॉम्प्लेक्स, डीआरडीओ के परियोजना निदेशक डॉ. जैतीर्थ राघवेंद्र जोशी ने किया.</span></p>

<p> <span [removed] 14.4px;">सस्टेनेबल माइनिंग के विजन को आगे बढ़ाते हुए, एमसीएल कुल 3,600 करोड़ रुपये के खर्च पर प्रदूषण मुक्त अत्याधुनिक रेक लोडिंग सिस्टम प्रदान करने के लिए नौ फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं को लागू कर रहा है। </span></p>

<p> <span [removed] 14.4px;">मिधानि प्रशिक्षण एवं विकास विभाग उत्कृष्टता भवन केंद्र में आयोजित समापन कार्यक्रम में श्री सुपार्थ सेन, महाप्रबंधक (सतर्कता) और अन्य वरिष्ठ कर्मचारियों ने इस अवसर की शोभा बढ़ाई.</span></p>

<div> <big>श्री नंद लाल शर्मा , अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने बताया कि कंपनी ने खुली प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से 1000 मेगावाट की कोटेड क्षमता के लिए 2.45 रूपए प्रति यूनिट के अधिकतम टैरिफ पर परियोजना हासिल की है ।</big></div> <div> </div>
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<p> <span [removed]="" 14.4px;"="">प्रगतिशील भारत के 75वें वर्ष और उसकी उपलब्धियों को मनाने और मनाने के लिए "आजादी का अमृत महोत्सव" के तहत कर्मचारियों के बीच सुरक्षा जागरूकता और कौशल विकास पहल को मजबूत करने के लिए सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।</p>

<p> <span [removed] 14.4px;">श्री नन्द लाल शर्मा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने कहा कि यह समझौता इस बात का भी प्रमाण है कि एसजेवीएन देश के छात्रों को कौशल विकास के अवसर प्रदान करके समाज के समग्र विकास और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।</span></p>

<p> <span [removed]="" 14.4px;"="">हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत 10 सितंबर, 2021 को “राजभाषा नीति और यूनिकोड आदि” विषय पर आयोजित की गई.</p>

<p> <span [removed]="" 14.4px;"="">पीपीएसए पोसोको की सीएसआर पहल का एक हिस्सा है, जिसके माध्यम से यह अनुसंधान को प्रोत्साहित करता है और विद्युत प्रणालियों के क्षेत्र में विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करता है। </p>