संबलपुर- कोल इंडिया लिमिटेड की एक अग्रणी अनुषंगी कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के निदेशकों ने शनिवार को कोयला खनन और कोयला क्षेत्रों में कोयला उत्‍पादन व प्रेषण बढाने के लिए एमसीएल के परियोजनओं का दौरा किया.
 
जिससे कोयला उत्‍पादन एवं प्रेषण तेजी से वृद्धि होने के साथ साथ उत्‍पादन व प्रेषण में वृद्धि दर हासिल किया जा सके। साथ ही उपभोक्ताओं को कोयले की आपूर्ति अधिकतम करने के लिए हमें मदद  मिलेगा।
 
 
श्री ओपी सिंह, निदेशक (तकनीकी / संचालन), श्री के आर वासुदेवन, निदेशक (वित्त) और श्री केशव राव, निदेशक (कार्मिक) ने तालचेर कोलफील्ड्स के विभिन्न इकाइयों व परियोजनाओं का दौरा किया।
 
 
परियोजना के एमसीएल फील्ड टीमों के साथ बातचीत करते हुए  निदेशकों ने पिछले वर्ष की तुलना में कोयला उत्पादन और प्रेषण में कंपनी के दोहरे अंकों की वृद्धि को बनाए रखने में उनके योगदान की भूरी भूरी प्रशंसा की।
 
 
एमसीएल ने अब तक 68.16 मिलियन टन से ज्‍यादा कोयले उत्पादन किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.68% की वृद्धि दर्ज की है  और उपभोक्ताओं को 78.03 मिलियन टन की कोयला आपूर्ति की गई है जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इसी अवधि के दौरान 20% की वृद्धि दर्ज करता है।
 
अभूतपूर्व भारी बारिश के बावजूद, कंपनी ने बढ़ती ईंधन मांग को पूरा करने के लिए कोयला उत्पादन और प्रेषण में वृद्धि को बनाए रखा है।
 
एमसीएल भारत में अग्रणी कोयला उत्पादक कंपनी है, जिसका ओडिशा के झारसुगुडा, सुंदरगढ़ और अंगुल जिलों में खनन कार्य करता है।
 
पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 में 148 मिलियन टन का उत्पादन करने के बाद, कंपनी ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 163 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करने और उपभोक्ताओं को 182 मिलियन टन भेजने का लक्ष्य रखा है।
 
 
सस्टेनेबल माइनिंग के विजन को आगे बढ़ाते हुए, एमसीएल कुल 3,600 करोड़ रुपये के खर्च पर प्रदूषण मुक्त अत्याधुनिक रेक लोडिंग सिस्टम प्रदान करने के लिए नौ फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं को लागू कर रहा है। इससे प्रति वर्ष 126 मिलियन टन की प्रेषण क्षमता भी उत्पन्न होगी, जिसके वर्ष 2024 तक प्राप्त होने की उम्मीद है।
 
 
एमसीएल 1999 में पर्यावरण के अनुकूल भूतल खनन प्रौद्योगिकी पेश करने वाली पहली कोयला कंपनी थी। 66 भूतल खनिकों का सबसे बड़ा बेड़ा कंपनी के कुल कोयला उत्पादन में 95 प्रतिशत का योगदान दे रहा है।