स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी को मिला 985 करोड़ रुपये से ज्यादा का बड़ा ऑर्डर, राजस्थान और दक्षिण अफ्रीका में प्रोजेक्ट
राजस्थान में मिला यह ऑर्डर एक प्रमुख भारतीय आईपीपी (स्वतंत्र बिजली उत्पादक) से है। यह कंपनी के लिए नया ग्राहक है। प्रोजेक्ट बैलेंस ऑफ सिस्टम (बीओएस) पैकेज के तहत है। कंपनी का कहना है कि यह ऑर्डर उसके प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की क्षमता और इंडस्ट्री में भरोसे को फिर से साबित करता है।

मुंबई, 22 सितंबर 2026 – भारत की अग्रणी रिन्यूएबल एनर्जी ईपीसी कंपनी स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (SWREL) ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक साथ दो बड़े ऑर्डर हासिल किए हैं। इन दोनों ऑर्डरों का कुल मूल्य टैक्स सहित लगभग 985 करोड़ रुपये से अधिक है। कंपनी ने राजस्थान में 534.3 मेगावाट पीक का सोलर प्रोजेक्ट और दक्षिण अफ्रीका में 616 मेगावाट आवर का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) प्रोजेक्ट अपने नाम किया है।
राजस्थान में नया कस्टमर, 534.3 मेगावाट का सोलर ऑर्डर
राजस्थान में मिला यह ऑर्डर एक प्रमुख भारतीय आईपीपी (स्वतंत्र बिजली उत्पादक) से है। यह कंपनी के लिए नया ग्राहक है। प्रोजेक्ट बैलेंस ऑफ सिस्टम (बीओएस) पैकेज के तहत है। कंपनी का कहना है कि यह ऑर्डर उसके प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की क्षमता और इंडस्ट्री में भरोसे को फिर से साबित करता है।
इस प्रोजेक्ट के चालू होने के बाद अनुमानित रूप से 0.80 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक योगदान मिलेगा।
दक्षिण अफ्रीका में 616 मेगावाट आवर का बीईएसएस प्रोजेक्ट
दूसरा ऑर्डर दक्षिण अफ्रीका में दो बीईएसएस प्रोजेक्ट्स का है। प्रत्येक प्रोजेक्ट 308 मेगावाट आवर का है, जिससे कुल क्षमता 616 मेगावाट आवर हो जाती है। यह ऑर्डर एक मिडिल ईस्ट आधारित रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट डेवलपर से मिला है, जो कंपनी का पुराना ग्राहक है।
यह प्रोजेक्ट टर्नकी ईपीसी रैप मॉडल पर आधारित है। स्टर्लिंग एंड विल्सन के लिए यह दूसरा सबसे बड़ा यूटिलिटी स्केल बीईएसएस प्रोजेक्ट है। पुराने ग्राहक द्वारा दोबारा ऑर्डर देना कंपनी की डिलीवरी क्षमता और रिश्ते की मजबूती को दर्शाता है।
सीईओ का बयान
स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी के ग्लोबल सीईओ चंद्र किशोर ठाकुर ने कहा, “हम राजस्थान और दक्षिण अफ्रीका में दो प्रतिष्ठित ऑर्डर पाकर खुश हैं। ये ऑर्डर हमारे बिजनेस के बढ़ते वेग और ग्राहकों के भरोसे को मजबूत करते हैं। लगातार प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन, डोमेन एक्सपर्टीज और कुशल मैनपावर के बल पर बने रिश्ते इन सफलताओं की बुनियाद हैं।”
कंपनी की स्थिति और भविष्य
स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी यूटिलिटी स्केल सोलर, फ्लोटिंग सोलर, हाइब्रिड एंड एनर्जी स्टोरेज और विंड सॉल्यूशंस में एंड-टू-एंड ईपीसी सेवाएं देती है। कंपनी का कुल पोर्टफोलियो 28.7 गीगावाट पीक से अधिक है (कमीशंड और निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स सहित)। ओ एंड एम पोर्टफोलियो 18.3 गीगावाट पीक का है। कंपनी 28 देशों में सक्रिय है, जिसमें भारत, साउथ-ईस्ट एशिया, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका शामिल हैं।
ये नए ऑर्डर कंपनी को वैश्विक रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में मजबूती देते हैं और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में उसकी भूमिका को और मजबूत करते हैं। राजस्थान जैसे सोलर हब और अफ्रीका जैसे उभरते बाजारों में उपस्थिति बढ़ाने से कंपनी के भविष्य के प्रोजेक्ट पाइपलाइन को बल मिलने की उम्मीद है।
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बड़े ऑर्डर मिलना न सिर्फ कंपनी के लिए अच्छी खबर है, बल्कि भारत के नेट जीरो लक्ष्य और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में भी सकारात्मक संकेत है। स्टर्लिंग एंड विल्सन जैसे खिलाड़ी लगातार क्षमता बढ़ा रहे हैं, जिससे देश में रोजगार और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर दोनों को बढ़ावा मिल रहा है।
(स्रोत: कंपनी प्रेस रिलीज, 22 सितंबर 2026)
