पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (POWERGRID) ने आज 18 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण वित्तीय कदम उठाया है। कंपनी के ‘कमेटी ऑफ डायरेक्टर्स फॉर बॉन्ड्स’ ने अपनी बैठक में अनसिक्योर्ड, नॉन-कन्वर्टिबल, नॉन-क्यूमुलेटिव, रिडीमेबल और टैक्सेबल पावरग्रिड बॉन्ड्स-LXXXIV (84वीं) इश्यू 2026-27 जारी करने की मंजूरी दे दी।

इस इश्यू का बेस साइज 1,000 करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि ग्रीन शू ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 4,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। इस तरह कुल इश्यू साइज 5,000 करोड़ रुपये तक हो सकता है। यह फंड निजी प्लेसमेंट के जरिए जुटाया जाएगा।

बॉन्ड की मुख्य बातें

  • अवधि: एलॉटमेंट की तारीख से 10 साल। चौथे साल के अंत से सालाना रिडेम्प्शन पेमेंट शुरू होंगे।
  • कूपन रेट: इलेक्ट्रॉनिक बुक प्रोवाइडर (EBP) प्लेटफॉर्म पर बोली के बाद तय होगा।
  • सिक्योरिटी: अनसिक्योर्ड।
  • लिस्टिंग: बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्टिंग का प्रस्ताव।
  • अन्य: कोई विशेष अधिकार या विशेषाधिकार नहीं। पिछले तीन महीने से अधिक समय तक ब्याज या मूलधन भुगतान में कोई डिफॉल्ट या देरी नहीं हुई है।

बैठक सुबह 11:15 बजे शुरू होकर 11:30 बजे समाप्त हुई। कंपनी सचिव एवं कम्प्लायंस ऑफिसर अंजना लुथरा ने यह जानकारी शेयर बाजारों को दी।

निवेशकों और बाजार के लिए महत्व

पावरग्रिड भारत की प्रमुख पावर ट्रांसमिशन कंपनी है। इस बॉन्ड इश्यू से कंपनी को लंबी अवधि की पूंजी मिलेगी, जिससे ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी। अनसिक्योर्ड और टैक्सेबल होने के बावजूद पावरग्रिड की मजबूत क्रेडिट रेटिंग और सरकारी बैकिंग के कारण यह निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है।

निजी प्लेसमेंट वाले बॉन्ड आमतौर पर संस्थागत निवेशकों को जारी किए जाते हैं। ईबीपी प्लेटफॉर्म पर बोली प्रक्रिया से पारदर्शिता बनी रहेगी और कूपन रेट बाजार की मांग के अनुसार तय होगा।

पावरग्रिड की पृष्ठभूमि

पावरग्रिड का कॉरपोरेट ऑफिस गुरुग्राम के सेक्टर-29 में स्थित ‘सौदामिनी’ में है। कंपनी का CIN L40101DL1989GOI038121 है और यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE स्क्रिप कोड: POWERGRID) तथा बीएसई (स्क्रिप कोड: 532898) पर लिस्टेड है।

यह घोषणा सेबी (लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशन 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत की गई है।

पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में विस्तार की जरूरत और अक्षय ऊर्जा एकीकरण के लक्ष्यों को देखते हुए पावरग्रिड का यह फंड रेजिंग कदम कंपनी की दीर्घकालिक विकास योजनाओं का हिस्सा माना जा रहा है। निवेशक और बाजार भागीदार अब कूपन रेट तथा अंतिम इश्यू साइज का इंतजार करेंगे।