21 सितंबर 2026 को दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) ने अहम घोषणा की है। कंपनी को आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (RECPDCL) द्वारा महाराष्ट्र के इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम के लिए L-1 बिडर घोषित किया गया है। यह प्रोजेक्ट 400 केवी जीआईएस सोलापुर/पारंडा स्विचिंग स्टेशन (जिला धाराशिव) की स्थापना से जुड़ा है।

प्रोजेक्ट की मुख्य बातें

RECPDCL ने महाराष्ट्र स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटी की ओर से बिड प्रोसेस कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया। दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड को सफल बोलीदाता चुना गया है। कंपनी प्रोजेक्ट एसपीवी का 100 प्रतिशत इक्विटी अधिग्रहण करेगी और ट्रांसमिशन सर्विस प्रोवाइडर (TSP) के रूप में काम करेगी।

प्रोजेक्ट बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (BOOT) मॉडल पर आधारित है और टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) रूट से अवाड किया गया है। निर्माण अवधि 24 महीने है। कमर्शियल ऑपरेशन डेट (COD) के बाद कंपनी 35 साल तक सिस्टम का संचालन और रखरखाव करेगी।

वित्तीय और तकनीकी विवरण

कंपनी के अनुसार इस प्रोजेक्ट का EPC वैल्यू (GST छोड़कर) 1265 करोड़ रुपये है। इसमें डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन, टेस्टिंग, कमीशनिंग के साथ-साथ संचालन और मेंटेनेंस शामिल है। यह घरेलू इकाई द्वारा अवाड किया गया घरेलू प्रोजेक्ट है। प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप का अवाडिंग एजेंसी में कोई हित नहीं है और यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन भी नहीं है।

बाजार और अनुपालन संबंधी जानकारी

सेबी (लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस 2015 के तहत कंपनी ने यह जानकारी बीएसई और एनएसई को दी है। कंपनी के कोड ऑफ कंडक्ट फॉर प्रिवेंशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग के अनुसार ट्रेडिंग विंडो सभी इनसाइडर्स, डिजिनेटेड पर्सन्स और उनके तत्काल रिश्तेदारों के लिए जानकारी सार्वजनिक होने के 48 घंटे तक बंद रहेगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रोजेक्ट?

महाराष्ट्र में बिजली ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। 400 केवी जीआईएस स्विचिंग स्टेशन क्षेत्रीय पावर ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाएगा और ग्रिड की विश्वसनीयता सुधारने में मदद करेगा। दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के लिए यह ऑर्डर बुक में अच्छा इजाफा है और कंपनी के पावर ट्रांसमिशन सेगमेंट में उपस्थिति को मजबूत करता है।

दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि निर्माण और कमीशनिंग आरएफपी के अनुसार प्रभावी तिथि से 24 महीने के अंदर पूरा किया जाएगा। प्रोजेक्ट का पूरा दायरा ट्रांसमिशन एसेट्स के डेवलपमेंट, फाइनेंसिंग, डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन, टेस्टिंग, कमीशनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस तक फैला हुआ है।

यह घोषणा भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर में घरेलू कंपनियों की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करती है। TBCB रूट के जरिए पारदर्शी बोली प्रक्रिया से प्राप्त यह प्रोजेक्ट लंबी अवधि के स्थिर राजस्व का अवसर भी प्रदान करता है।

स्रोत: दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड की आधिकारिक स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग (बीएसई/एनएसई), 21 सितंबर 2026।