Kuantum Papers Q2 नतीजे: कंपनी ने 29 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल अर्निंग्स प्रेजेंटेशन में बताया कि सितंबर तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 62.1% घटकर ₹2.2 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹5.8 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में परिचालन आय 0.2% घटकर ₹279.1 करोड़ रही, जबकि पिछले साल यह ₹279.7 करोड़ थी।

परिचालन स्तर पर EBITDA 0.3% बढ़कर ₹34.5 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 12.36% रहा, जो सालभर पहले 12.30% था। हालांकि, वित्त लागत 38.7% बढ़कर ₹16.5 करोड़ और मूल्यह्रास 20.9% बढ़कर ₹19.7 करोड़ हो गया। कर-पूर्व लाभ 85.7% घटकर ₹1.2 करोड़ रहा। ₹1 करोड़ के कर क्रेडिट के बाद शुद्ध लाभ ₹2.2 करोड़ रहा। डाइल्यूटेड EPS ₹0.66 से घटकर ₹0.26 हो गया।

मशीन बंद रहने से तिमाही बिक्री पर असर

जून तिमाही के मुकाबले परिचालन आय 8.1% और शुद्ध लाभ 64.5% घटा। कंपनी के अनुसार, एक पेपर मशीन के उन्नयन और आधुनिकीकरण के लिए नियोजित बंदी से उत्पादन तथा बिक्री प्रभावित हुई। सितंबर तिमाही में कागज की बिक्री 40,162 टन रही, जबकि जून तिमाही में 42,922 टन और सालभर पहले 42,644 टन थी।

कंपनी ने मौसमी कमजोर मांग से बिक्री प्राप्तियों में कमी और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच कच्चे माल तथा ईंधन की बढ़ी लागत का उल्लेख किया। पिछली तिमाही के मुकाबले EBITDA मार्जिन 84 आधार अंक घटा।

पहली छमाही में परिचालन आय 16% बढ़कर ₹582.9 करोड़ रही और कागज की बिक्री 74,374 टन से बढ़कर 83,084 टन हुई। इसके बावजूद शुद्ध लाभ 52.2% घटकर ₹8.5 करोड़ रहा। EBITDA ₹74.6 करोड़ और उसका मार्जिन 12.80% रहा, जबकि पिछले साल समान अवधि में मार्जिन 14.88% था।

चारों पेपर मशीनों का उन्नयन पूरा

कंपनी ने बताया कि पेपर मशीन 3 को 26 अगस्त को चालू किया गया। इसका काम प्रस्तावित 65 दिन की बंदी के मुकाबले 59 दिन में पूरा हुआ। इसके साथ परियोजना योजना के तहत चारों पेपर मशीनों का उन्नयन पूरा हो गया। प्रेजेंटेशन में अन्य परिचालन प्रगति भी बताई गई:

  • वुड पल्पिंग में DDS लागू करने से पल्प यील्ड में 1.0% सुधार हुआ।
  • अगस्त 2026 में कॉपियर पेपर उत्पादन कंपनी के अब तक के उच्चतम स्तर 4,482 टन पर पहुंचा।
  • खाद्य पदार्थ लपेटने के लिए PFAS-मुक्त 40 GSM ऑयल और ग्रीस प्रतिरोधी कागज का अनुसंधान पूरा हुआ और उत्पादन प्रक्रिया तय हुई।
  • दूसरी तिमाही में सामाजिक कृषि वानिकी के तहत 2,387 एकड़ जुड़े, जिससे कुल रोपण क्षेत्र 22,000 एकड़ से अधिक हुआ।