Kaira Can Q2 नतीजे जारी करते हुए Kaira Can Company Ltd ने 30 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि बोर्ड ने सितंबर में समाप्त तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय परिणाम मंजूर किए हैं। तिमाही का शुद्ध लाभ ₹149.45 लाख रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹39.68 लाख था। मुनाफे में बढ़ोतरी को टैक्स क्रेडिट से सहारा मिला।

सितंबर तिमाही में कर-पूर्व लाभ ₹57.62 लाख रहा, जो एक साल पहले ₹54.25 लाख था। कंपनी ने ₹91.83 लाख का शुद्ध टैक्स क्रेडिट दर्ज किया। इसमें पिछले वर्षों के कर से जुड़ा ₹88.15 लाख और डिफर्ड टैक्स का ₹20.27 लाख क्रेडिट शामिल है, जबकि चालू कर खर्च ₹16.59 लाख रहा। इसलिए शुद्ध लाभ की वृद्धि, कर-पूर्व लाभ की बढ़ोतरी से कहीं अधिक रही।

कंपनी के अनुसार, उसने वित्त वर्ष 2025-26 से 22% की रियायती कर दर वाली व्यवस्था अपनाई है, जिस पर लागू सरचार्ज और सेस अतिरिक्त हैं। इससे संबंधित चालू कर, डिफर्ड टैक्स और लागू MAT शेष का प्रभाव सितंबर तिमाही तथा छमाही के परिणामों में दर्ज किया गया है।

आय बढ़ी, जून तिमाही से लाभ लगभग स्थिर

कुल आय सितंबर तिमाही में ₹6,529.40 लाख रही, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹5,579.38 लाख थी। जून 2026 तिमाही की ₹8,677.35 लाख आय के मुकाबले इसमें कमी आई। शुद्ध लाभ भी जून तिमाही के ₹150.08 लाख से थोड़ा कम रहा। प्रति शेयर बेसिक और डाइल्यूटेड आय ₹16.21 रही, जबकि एक साल पहले ₹4.30 थी। अंतरिम अवधि की EPS का वार्षिकीकरण नहीं किया गया है।

सितंबर में समाप्त छमाही में शुद्ध लाभ ₹299.53 लाख रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹143.08 लाख था। छमाही का कर-पूर्व लाभ ₹301.34 लाख और कुल आय ₹15,206.75 लाख रही।

टिन कंटेनर कारोबार ने तिमाही में ₹6,305.59 लाख राजस्व और ₹99.80 लाख सेगमेंट लाभ दर्ज किया। आइसक्रीम कोन कारोबार का राजस्व ₹189.39 लाख रहा, लेकिन इस खंड में ₹38.31 लाख का घाटा हुआ।

बोर्ड में नियुक्ति और शेयरधारकों की मंजूरी

  • बोर्ड ने Bharat Ajay Kapadia को अतिरिक्त निदेशक, गैर-कार्यकारी और गैर-स्वतंत्र श्रेणी में नियुक्त किया।
  • उनकी रोटेशन के आधार पर सेवानिवृत्ति के अधीन निदेशक नियुक्ति पर शेयरधारकों की मंजूरी लेने के लिए पोस्टल बैलट और ई-वोटिंग प्रक्रिया मंजूर की गई।

फाइलिंग के साथ G D Apte & Co की सीमित समीक्षा रिपोर्ट संलग्न है। ऑडिटर ने कहा कि समीक्षा में कोई ऐसी बात सामने नहीं आई जिससे परिणामों में महत्वपूर्ण गलतबयानी का संकेत मिले। यह सीमित समीक्षा है; ऑडिटर ने ऑडिट राय व्यक्त नहीं की है।