MTAR Technologies के नतीजे दर्शाते हैं कि Q2 FY27 में कंपनी का समेकित परिचालन राजस्व सालाना 200% बढ़कर ₹406.8 करोड़ रहा। 30 अक्टूबर 2026 की BSE निवेशक प्रस्तुति के अनुसार, पिछले साल की समान तिमाही में राजस्व ₹135.6 करोड़ था। इस दौरान शुद्ध मुनाफा ₹4.2 करोड़ से बढ़कर ₹59.8 करोड़ हो गया।

पिछली तिमाही के मुकाबले राजस्व 12.8% और शुद्ध मुनाफा 19.1% बढ़ा। EBITDA ₹17 करोड़ से बढ़कर ₹99.2 करोड़ पहुंचा, जबकि EBITDA मार्जिन 12.5% से सुधरकर 24.4% रहा। हालांकि, सकल लाभ मार्जिन पिछले साल के 51.2% से घटकर 46.8% रहा।

पहली छमाही में राजस्व 162.7% बढ़कर ₹767.5 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹110.1 करोड़ रहा। एक साल पहले इसी अवधि में मुनाफा ₹15.1 करोड़ था। H1 FY27 का EBITDA ₹184.2 करोड़ और मार्जिन 24% रहा।

ऑर्डर बुक ₹5,976.5 करोड़, नए क्षेत्रों में काम जारी

30 सितंबर 2026 को कंपनी की कुल ऑर्डर बुक ₹5,976.5 करोड़ रही, जबकि 30 जून को यह ₹5,143.3 करोड़ थी। दूसरी तिमाही में विभिन्न क्षेत्रों से ₹1,207.2 करोड़ के नए ऑर्डर मिले। Fuel Cells, Hydel एवं अन्य कारोबार वाली Clean Energy श्रेणी की ऑर्डर बुक ₹4,075.5 करोड़ रही।

  • सिविल न्यूक्लियर कारोबार में Kaiga 5 और 6 परियोजनाओं के लिए ₹504 करोड़ के ऑर्डर मिले, जिसे कंपनी ने अपना सबसे बड़ा एकल ऑर्डर प्रवाह बताया।
  • FY27 में नवीनीकरण के लिए निर्धारित रिएक्टरों से ₹130 करोड़ से अधिक के ऑर्डर मिले।
  • डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए शीट मेटल कंपोनेंट और असेंबली की आपूर्ति हेतु SLB से ₹45 करोड़ के फर्स्ट आर्टिकल ऑर्डर मिले। इन शुरुआती नमूनों पर काम जारी है; आगे के ऑर्डर की कंपनी की अपेक्षा क्वालिफिकेशन पर निर्भर है।

FY27 के लिए 80% राजस्व वृद्धि का अनुमान

प्रबंध निदेशक PARVAT SRINIVAS REDDY ने चालू वित्त वर्ष के लिए 80% राजस्व वृद्धि और 24% EBITDA मार्जिन, एक प्रतिशत अंक की संभावित घट-बढ़ के साथ, का मार्गदर्शन दिया। यह कंपनी का अनुमान है, हासिल परिणाम नहीं।

H1 FY27 में Aerospace & Defence का राजस्व ₹80.2 करोड़ रहा। कंपनी के मुताबिक, कई वैश्विक एयरोस्पेस ग्राहकों के कार्यक्रम शुरुआती नमूनों के क्वालिफिकेशन से अधिक मात्रा में उत्पादन की ओर बढ़ रहे हैं। कंपनी ने IAI को बॉल स्क्रू का निर्यात भी शुरू किया है।

पहली छमाही में परिचालन गतिविधियों से शुद्ध नकदी प्रवाह ₹350 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल समान अवधि में यह ₹39.8 करोड़ था। निवेश गतिविधियों में शुद्ध नकदी निकासी ₹407.3 करोड़ रही।