REC Ltd की नई सहायक कंपनियां: बीकानेर और मिर्जापुर ट्रांसमिशन परियोजनाओं के लिए तीन गठन
REC की इकाई RECPDCL ने बीकानेर और मिर्जापुर की बिजली पारेषण परियोजनाओं के लिए तीन कंपनियां बनाईं। बोली प्रक्रिया के बाद इन्हें चयनित बोलीदाताओं को सौंपा जाएगा।

REC Ltd की नई सहायक कंपनियां बीकानेर और मिर्जापुर की बिजली पारेषण परियोजनाओं के लिए गठित की गई हैं। कंपनी ने 6 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई REC Power Development and Consultancy Limited (RECPDCL) ने तीन कंपनियां बनाई हैं। इनका निगमन 5 अक्टूबर 2026 को हुआ है।
तीनों कंपनियां RECPDCL की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां हैं। इस स्वामित्व संरचना के कारण वे कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 2(87) के तहत REC Ltd की भी सहायक कंपनियां हैं। नई कंपनियों और उनसे जुड़ी परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:
- Bikaner V Part A Power Transmission Limited: राजस्थान की नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र योजना Rajasthan REZ Ph-IV के Part-6 में Bikaner V की 6GW बिजली निकासी योजना के Part A के लिए गठित।
- Bikaner V Part B Power Transmission Limited: इसी बीकानेर परिसर की बिजली निकासी योजना के Part B के लिए गठित।
- Mirzapur Power Transmission Limited: 765/400 kV Mirzapur Pooling (AIS) Substation से जुड़ी 765 kV और 400 kV लाइनों के निर्माण के लिए गठित।
हर कंपनी की चुकता पूंजी ₹5 लाख
फाइलिंग के अनुसार, तीनों कंपनियों में से प्रत्येक की अधिकृत पूंजी और चुकता पूंजी ₹5 लाख है। RECPDCL ने इनके इक्विटी शेयरों में अंकित मूल्य पर नकद भुगतान के जरिए 100% सदस्यता ली है।
ये नई कंपनियां हैं और इन्होंने अभी कारोबार शुरू नहीं किया है। इसलिए इनके लिए टर्नओवर लागू नहीं बताया गया है। REC ने इन्हें अपने संबंधित पक्ष के रूप में भी दर्ज किया है। फाइलिंग के मुताबिक, प्रवर्तक, प्रवर्तक समूह और समूह कंपनियों का इनमें शेयरधारिता की सीमा के अलावा कोई हित नहीं है।
बोली प्रक्रिया के बाद होगा हस्तांतरण
बीकानेर की दोनों अंतरराज्यीय पारेषण परियोजनाओं के लिए बिजली मंत्रालय की 19 जून 2026 की राजपत्र अधिसूचना के तहत RECPDCL को Bid Process Coordinator (BPC) नियुक्त किया गया है। मिर्जापुर की राज्य के भीतर की पारेषण परियोजना के लिए U.P. Power Transmission Corporation Limited ने 10 अगस्त 2026 के पत्र के जरिए यह जिम्मेदारी सौंपी थी।
RECPDCL इन परियोजनाओं के लिए Tariff Based Competitive Bidding (TBCB) प्रक्रिया के जरिए पारेषण सेवा प्रदाता के चयन का समन्वय करेगी। दिशानिर्देशों के अनुसार सफल बोलीदाता चुने जाने के बाद संबंधित कंपनी उसकी सभी परिसंपत्तियों और देनदारियों सहित उस बोलीदाता को हस्तांतरित की जाएगी।
