Bharat Dynamics: BDL बोर्ड नियुक्ति: डॉ. जगन्नाथ नायक को मंजूरी, DIN मिलने पर होगी प्रभावी
Bharat Dynamics के बोर्ड में डॉ. जगन्नाथ नायक की नियुक्ति को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी मिली है। नियुक्ति DIN आवंटन के बाद प्रभावी होगी; आवेदन प्रक्रिया में है।

Bharat Dynamics Ltd (BDL) ने 7 अक्टूबर 2026 को BSE फाइलिंग में डॉ. जगन्नाथ नायक को अंशकालिक आधिकारिक निदेशक यानी सरकारी निदेशक बनाने की मंजूरी मिलने की जानकारी दी। BDL बोर्ड नियुक्ति के लिए रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग ने सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी भेजी है। हालांकि, नियुक्ति DIN आवंटित होने की तारीख से प्रभावी होगी और इसके लिए आवेदन अभी प्रक्रिया में है।
डॉ. नायक DRDO में DS&DG (MSS) हैं। मंत्रालय ने 6 अक्टूबर 2026 के कार्यालय ज्ञापन के जरिए उनकी नियुक्ति की मंजूरी दी। कंपनी को इसकी सूचना 7 अक्टूबर 2026 को प्राप्त हुई। इस तरह मंत्रालय की मंजूरी और नियुक्ति लागू होने की तारीख अलग हैं; फाइलिंग में प्रभावी तारीख को DIN आवंटन से जोड़ा गया है।
रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले इस सरकारी उद्यम ने SEBI के सूचीबद्धता नियमों के विनियम 30 के तहत BSE और NSE को यह जानकारी भेजी। BSE पर कंपनी का स्क्रिप कोड 541143 और NSE पर प्रतीक BDL है।
रक्षा अनुसंधान और एवियोनिक्स में अनुभव
फाइलिंग के साथ संलग्न परिचय के अनुसार, डॉ. नायक के पास रक्षा अनुसंधान और विकास में 35 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उनका काम रक्षा और एयरोस्पेस उपयोग के लिए उन्नत एवियोनिक्स के स्वदेशी डिजाइन तथा विकास से जुड़ा रहा है।
- CHESS के निदेशक के रूप में उन्होंने भारत की पहली Directed Energy Weapon (DEW) प्रणाली के विकास, मैदानी परीक्षण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का नेतृत्व किया।
- परिचय में उन्हें Akash मिसाइलों के Fibre Optic Gyro मार्गदर्शन और DEW आधारित एंटी-ड्रोन प्रणालियों का मुख्य शिल्पकार बताया गया है।
- Research Centre Imarat (RCI), हैदराबाद में परियोजना निदेशक रहते हुए उन्होंने Fibre Optic Gyroscopes के स्वदेशी विकास का नेतृत्व किया। यह तकनीक अब मिसाइलों, विमानों और मुख्य युद्धक टैंकों में इस्तेमाल होती है।
IISc से शिक्षा, 125 से अधिक शोध पत्र
डॉ. नायक ने Indian Institute of Science (IISc), बेंगलुरु से Electrical Communication Engineering में MS और PhD की है। वह IEEE Photonics Society के हैदराबाद चैप्टर के संस्थापक अध्यक्ष रहे हैं। वर्ष 2009 से 2014 तक उन्होंने IISc बेंगलुरु और IIT मद्रास में Distinguished Visiting Professor के रूप में भी सेवाएं दीं।
उनके 125 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं और उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं। उनके विशेषज्ञता क्षेत्रों में Directed Energy Weapons, Inertial Navigation Systems, लेजर और फाइबर ऑप्टिक्स शामिल हैं।
