Rashtriya Chemicals and Fertilizers: RCF क्रेडिट रेटिंग: ₹3,000 करोड़ के कमर्शियल पेपर पर CARE A1+
CARE Ratings ने RCF के ₹3,000 करोड़ के कमर्शियल पेपर की रेटिंग बरकरार रखी। मजबूत नकदी स्थिति के साथ सब्सिडी बकाया और कर्ज आधारित निवेश पर एजेंसी की नजर है।

RCF क्रेडिट रेटिंग पर 7 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में Rashtriya Chemicals and Fertilizers Ltd ने बताया कि CARE Ratings ने उसके ₹3,000 करोड़ के कमर्शियल पेपर पर CARE A1+ रेटिंग की पुनः पुष्टि की है। रेटिंग एजेंसी की रिपोर्ट 6 अक्टूबर 2026 की है। यह मौजूदा रेटिंग की पुनः पुष्टि है और इससे नई रकम जुटाने की पुष्टि नहीं होती।
CARE Ratings ने घरेलू उर्वरक कारोबार में कंपनी की स्थापित मौजूदगी, विविध उत्पादों, संयंत्रों की परिचालन दक्षता और मजबूत तरलता को रेटिंग का आधार बताया। केंद्र सरकार की 75% हिस्सेदारी और कंपनी को मिलने वाला सरकारी समर्थन भी आकलन में शामिल है। एजेंसी ने समेकित वित्तीय स्थिति के आधार पर रेटिंग तय की है।
FY26 में आय और मुनाफा बढ़ा
CARE की रिपोर्ट के अनुसार, FY26 में RCF की परिचालन आय 9.4% बढ़कर ₹18,406 करोड़ रही। कर पश्चात लाभ ₹242 करोड़ से बढ़कर ₹427 करोड़ हो गया। ऊर्जा दक्षता, कॉम्प्लेक्स उर्वरकों की बेहतर प्राप्तियों और उर्वरक ट्रेडिंग की लाभप्रदता से प्रदर्शन को समर्थन मिला।
- FY26 में PBILDT मार्जिन 3.16% से बढ़कर 4.43% रहा।
- यूरिया संयंत्रों का क्षमता उपयोग 89% से बढ़कर 91% और कॉम्प्लेक्स उर्वरकों का 88% से बढ़कर 92% हुआ।
- Q1FY27 में परिचालन आय ₹3,586 करोड़ और कर पश्चात लाभ ₹74 करोड़ रहा।
हालांकि, थल संयंत्र के ऊर्जा मानक में पिछली तारीख से संशोधन का लगभग ₹172 करोड़ प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसमें करीब ₹133 करोड़ FY26 और ₹39 करोड़ Q1FY27 से संबंधित हैं।
सब्सिडी बकाया और निवेश पर निगरानी
31 मार्च 2026 को सब्सिडी प्राप्तियां बढ़कर ₹3,925 करोड़ हो गईं, जो एक साल पहले ₹2,575 करोड़ थीं। इसी दौरान कार्यशील पूंजी उधारी लगभग ₹1,205 करोड़ से बढ़कर ₹2,158 करोड़ हुई। कुल गियरिंग 0.58 गुना से बढ़कर 0.81 गुना रही।
कंपनी के निवेश कार्यक्रम में थल का लगभग ₹1,400 करोड़ का NPK प्रोजेक्ट और लगभग ₹1,200 करोड़ का अमोनिया संयंत्र सुधार शामिल है। NPK परियोजना का वाणिज्यिक परिचालन Q1FY28 में शुरू होने की संभावना बताई गई है। CARE के मुताबिक, कर्ज आधारित पूंजीगत खर्च और संयुक्त उद्यमों में निवेश से ऋण स्तर ऊंचा रह सकता है।
एजेंसी ने तरलता को मजबूत बताया। 30 जून 2026 को नकदी और नकदी समकक्ष लगभग ₹506 करोड़ थे, जबकि FY27 में निर्धारित टर्म ऋण भुगतान ₹213 करोड़ है। सब्सिडी मिलने में देरी, कच्चे माल की अस्थिर कीमतें और परियोजनाओं का समय पर परिचालन प्रमुख निगरानी बिंदु हैं।
