IREDA का 24वां स्टेकहोल्डर्स इंटरेक्शन मीट: परिसंपत्ति गुणवत्ता और सुशासन पर जोर, Bharat RE Summit 2026 का ऐलान
बैठक में डॉ. मोहंती ने आगामी Bharat RE Summit and Expo 2026 का विशेष उल्लेख किया। यह समिट 2 से 5 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह मंच नवीकरणीय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के सभी हितधारकों को एक साथ लाएगा।

नई दिल्ली। भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (IREDA) ने आज वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना 24वां स्टेकहोल्डर्स इंटरेक्शन मीट सफलतापूर्वक आयोजित किया। बैठक की अध्यक्षता आईआरईडीए के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा निदेशक (वित्त) डॉ. विजय कुमार मोहंती ने की। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के उधारकर्ताओं और अन्य हितधारकों ने इस मुलाकात में सक्रिय रूप से भाग लिया।
डॉ. विजय कुमार मोहंती ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि परिसंपत्ति गुणवत्ता बनाए रखना और सुदृढ़ शासन प्रथाओं का पालन करना आईआरईडीए की दीर्घकालिक एवं टिकाऊ वृद्धि के मुख्य स्तंभ हैं। उन्होंने एजेंसी के व्यापारिक भागीदारों से जिम्मेदार परियोजना क्रियान्वयन, वित्तीय अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शासन पर लगातार ध्यान केंद्रित रखने का आग्रह किया। इन बातों को उन्होंने आईआरईडीए के भविष्य के मजबूत आधार के रूप में रेखांकित किया।
बैठक में डॉ. मोहंती ने आगामी Bharat RE Summit and Expo 2026 का विशेष उल्लेख किया। यह समिट 2 से 5 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह मंच नवीकरणीय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के सभी हितधारकों को एक साथ लाएगा। उधारकर्ता और अन्य भागीदार यहां जुड़कर सहयोग बढ़ा सकेंगे, विचारों का आदान-प्रदान कर सकेंगे और भारत के हरित ऊर्जा संक्रमण में अपना योगदान दे सकेंगे। यह आयोजन विकसित भारत@2047 के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
IREDA लंबे समय से देश में सौर, पवन, हाइड्रो और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को वित्तपोषण उपलब्ध करा रहा है। ऐसे स्टेकहोल्डर्स मीट एजेंसी को फील्ड की जमीनी हकीकत समझने और नीति-निर्धारण को और प्रभावी बनाने में मदद करते हैं। डॉ. मोहंती के संदेश से साफ है कि आईआरईडीए केवल ऋण देने वाली संस्था नहीं, बल्कि जिम्मेदार और टिकाऊ विकास का साझेदार बनना चाहता है।
Bharat RE Summit 2026 को लेकर पूरे सेक्टर में उत्साह है। भारत मंडपम जैसे बड़े मंच पर होने वाले इस आयोजन से निवेशकों, डेवलपर्स, नीति-निर्माताओं और वित्तीय संस्थानों के बीच नए सहयोग के रास्ते खुलने की उम्मीद है। आईआरईडीए जैसी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी से यह समिट भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा को नई रफ्तार दे सकता है।
इस 24वें मीट से एक बार फिर साबित हुआ कि आईआरईडीए अपने हितधारकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने को प्राथमिकता देता है। परिसंपत्ति गुणवत्ता, सुशासन और सामूहिक सहयोग—ये तीन बिंदु आने वाले वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को और मजबूत बनाएंगे।
