राजनाथ सिंह की मौजूदगी में बेंगलुरु में HAL ने भारतीय वायु सेना और पवन हंस को सौंपे स्वदेशी प्लेटफॉर्म
यह घटनाक्रम आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घरेलू एयरोस्पेस क्षेत्र की मजबूती को रेखांकित करता है। HAL और उसके उद्योग भागीदारों द्वारा विकसित ये प्लेटफॉर्म सैन्य और नागरिक दोनों क्षेत्रों में स्वदेशी क्षमता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम हैं।

बेंगलुरु में आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने एक महत्वपूर्ण समारोह का आयोजन किया। इस मौके पर HAL ने भारतीय वायु सेना (IAF) को दो LCA FoC ट्रेनर विमान और पहला HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान सौंपा। साथ ही पवन हंस लिमिटेड को चार ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन (NG) हेलीकॉप्टर सौंपे गए। समारोह में नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू भी मौजूद रहे।
यह घटनाक्रम आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घरेलू एयरोस्पेस क्षेत्र की मजबूती को रेखांकित करता है। HAL और उसके उद्योग भागीदारों द्वारा विकसित ये प्लेटफॉर्म सैन्य और नागरिक दोनों क्षेत्रों में स्वदेशी क्षमता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम हैं।
LCA FoC ट्रेनर विमान: 2010 के अनुबंध का पूरा होना
2010 में रक्षा मंत्रालय, भारतीय वायु सेना और HAL के बीच 16 LCA फाइटर विमान और चार ट्विन सीटर FoC कॉन्फिगरेशन के लिए अनुबंध हुआ था। आज सौंपे गए दो LCA FoC ट्रेनर विमान इसी श्रृंखला के अंतिम ट्विन सीटर हैं। इनके साथ मूल LCA Mk-1 ऑर्डर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा हो गया है।
ये ट्रेनर विमान फाइटर पायलटों के उन्नत प्रशिक्षण के लिए बनाए गए हैं। इनमें बेहतर रडार प्रदर्शन, ऑटोपायलट हैंडलिंग, ईंधन प्रणाली में सुधार, सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो और एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग प्रोब जैसी सुविधाएं शामिल हैं। HAL का लक्ष्य 2033-34 तक भारतीय वायु सेना को 29 Mk1A ट्विन सीटर LCA विमान सौंपना भी है।
HTT-40: भारतीय वायु सेना का नया बेसिक ट्रेनर
समारोह में HAL ने भारतीय वायु सेना को पहला HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान भी सौंपा। यह स्वदेशी टर्बोप्रॉप ट्रेनर शुरुआती पायलट प्रशिक्षण के लिए तैयार किया गया है। मार्च 2023 में 70 विमानों का करीब 6,838 करोड़ रुपये का अनुबंध हुआ था। बेंगलुरु और नासिक की उत्पादन लाइनों से इसकी आपूर्ति शुरू हुई है। HAL ने सालाना 20 विमान तक उत्पादन क्षमता बढ़ाई है।
HTT-40 में ग्लास कॉकपिट, जीरो-जीरो इजेक्शन सीट और आधुनिक एवियोनिक्स जैसी सुविधाएं हैं। यह पुराने विदेशी ट्रेनर विमानों पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा।
ध्रुव NG हेलीकॉप्टर: नागरिक उड्डयन में नई शुरुआत
पवन हंस को सौंपे गए चार ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन हेलीकॉप्टर नागरिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये ALH ध्रुव के नागरिक प्रमाणित संस्करण हैं। पवन हंस ने 10 हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया था। ये हेलीकॉप्टर ऑफशोर ऑपरेशन, एंबुलेंस सेवा, वीवीआईपी ट्रांसपोर्ट और अन्य नागरिक कार्यों में काम आएंगे। आधुनिक ग्लास कॉकपिट और बेहतर सुरक्षा सुविधाओं के साथ ये भारत के नागरिक हेलीकॉप्टर फ्लीट को मजबूत करेंगे।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम
समारोह में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा और HAL के सीएमडी रवि के. सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सरकार एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी डिजाइन, विकास और विनिर्माण को प्राथमिकता दे रही है।
बेंगलुरु स्थित HAL सुविधा में हुए इस समारोह से साफ है कि भारत सैन्य और नागरिक दोनों क्षेत्रों में विदेशी निर्भरता घटाकर घरेलू उत्पादन बढ़ा रहा है। LCA तेजस श्रृंखला, HTT-40 और ध्रुव NG जैसे प्लेटफॉर्म न केवल वायु सेना की तैयारियों को मजबूत करेंगे बल्कि घरेलू उद्योग को भी नई गति देंगे।
यह सौंपना सिर्फ विमान और हेलीकॉप्टर सौंपने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की एयरोस्पेस क्षमता का व्यावहारिक प्रमाण है। आने वाले वर्षों में Mk1A और अन्य स्वदेशी परियोजनाओं के साथ यह सिलसिला और तेज होने की उम्मीद है।
