कोच्चि शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) में 17 सितंबर 2026 को नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल वेसल (एनजीएमवी) परियोजना के दूसरे जहाज का स्टील कटिंग समारोह आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि रियर एडमिरल कपिल मेहता, असिस्टेंट कंट्रोलर ऑफ वॉरशिप प्रोडक्शन एंड एक्विजिशन रहे। भारतीय नौसेना और सीएसएल के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे।

मार्च 2023 में सीएसएल के साथ एनजीएमवी निर्माण का अनुबंध हुआ था। यह परियोजना भारतीय नौसेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

एनजीएमवी परियोजना क्यों खास है?

नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल वेसल को अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों और सेंसरों से लैस किया जाएगा। ये जहाज भारतीय नौसेना को ‘फ्यूचर रेडी एंड कॉम्बैट रेडी फोर्स’ बनाने में मदद करेंगे। भारतीय महासागर क्षेत्र (आईओआर) की जटिल समुद्री परिस्थितियों में प्रभावी रूप से काम करने के लिए ये जहाज तैयार किए जा रहे हैं।

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्रमुख रोल-डिफाइनिंग उपकरण स्वदेशी रूप से विकसित और निर्मित किए गए हैं। यह आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड की सरकारी पहलों के अनुरूप है।

कोच्चि शिपयार्ड की भूमिका

कोच्चि शिपयार्ड लिमिटेड लंबे समय से भारतीय नौसेना के लिए युद्धपोत बनाने में अग्रणी रहा है। एनजीएमवी परियोजना के तहत जहाजों का निर्माण यहां होने से न केवल नौसेना की ताकत बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय उद्योग और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। स्टील कटिंग समारोह जहाज निर्माण प्रक्रिया का पहला महत्वपूर्ण चरण होता है। इसमें जहाज के हल (हुल) के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टील प्लेट्स को काटा जाता है।

रियर एडमिरल कपिल मेहता की उपस्थिति ने इस मौके को और खास बना दिया। भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी से साफ है कि यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं में उच्च स्थान रखती है।

भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत बढ़ाने की दिशा में कदम

भारतीय महासागर क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे में आधुनिक और स्वदेशी युद्धपोतों की जरूरत और भी बढ़ गई है। एनजीएमवी जहाज मिसाइल आधारित हमले की क्षमता से लैस होंगे। इससे नौसेना की स्ट्राइक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण पर जोर दिया जा रहा है। एनजीएमवी परियोजना इसी दिशा में एक ठोस उदाहरण है। विदेशी निर्भरता कम करने और घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूत करने का यह प्रयास लंबे समय में देश की रणनीतिक स्वायत्तता बढ़ाएगा।

सीएसएल कोच्चि में चल रही इस परियोजना से जुड़ी जानकारी समय-समय पर सामने आती रहेगी। जहाज निर्माण के अगले चरणों में भी प्रगति की उम्मीद है।

यह समारोह सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था। यह भारत की समुद्री शक्ति बढ़ाने और स्वदेशी क्षमता विकसित करने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। भारतीय नौसेना और सीएसएल की साझेदारी आगे भी ऐसे कई प्रोजेक्ट्स को अंजाम देगी।

(लेख में दी गई जानकारी आधिकारिक प्रेस रिलीज और उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है।)