प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 में 18.77 लाख घरों को मंजूरी, शहरी गरीबों को पक्का घर मिलने की राह आसान
बैठक के दौरान लाभार्थी आधारित निर्माण (Beneficiary-Led Construction) और साझेदारी में किफायती आवास (Affordable Housing in Partnership) श्रेणियों के तहत करीब 29 हजार अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी गई। ये मंजूरियां असम, बिहार, गुजरात, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश — इन छह राज्यों को मिली हैं।

नई दिल्ली। सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) 2.0 के तहत अब तक कुल 18 लाख 77 हजार घरों को मंजूरी दे दी है। इससे योजना के क्रियान्वयन को नई गति मिली है और शहरी क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया गया है।
यह फैसला केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (CSMC) की नौवीं बैठक में लिया गया। बैठक गुरुवार को नई दिल्ली में हुई। इसकी अध्यक्षता आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह ने की।
बैठक के दौरान लाभार्थी आधारित निर्माण (Beneficiary-Led Construction) और साझेदारी में किफायती आवास (Affordable Housing in Partnership) श्रेणियों के तहत करीब 29 हजार अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी गई। ये मंजूरियां असम, बिहार, गुजरात, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश — इन छह राज्यों को मिली हैं।
सतेंद्र सिंह ने राज्यों से अपील की कि वे PMAY-U 2.0 के समय पर और प्रभावी क्रियान्वयन तथा निगरानी के लिए ठोस प्रयास करें। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ हर पात्र लाभार्थी तक जरूर पहुंचना चाहिए।
महिलाओं को प्राथमिकता, 20 लाख के आंकड़े के करीब
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, PMAY-U 2.0 के तहत मंजूर कुल 18.77 लाख घरों में से लगभग 17.19 लाख (92 प्रतिशत) घर महिलाओं के नाम पर आवंटित किए गए हैं। योजना वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर वर्गों को भी विशेष प्राथमिकता दे रही है।
यह योजना शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। लाभार्थी अपने जमीन पर घर बना सकते हैं, साझेदारी परियोजनाओं में घर खरीद सकते हैं, किराए का किफायती आवास ले सकते हैं या होम लोन पर ब्याज सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।
समग्र प्रगति
PMAY-U और PMAY-U 2.0 को मिलाकर अब तक 1.25 करोड़ से अधिक घर मंजूर हो चुके हैं। इनमें से एक करोड़ से अधिक घर पूरे होकर लाभार्थियों को सौंप दिए गए हैं। PMAY-U 2.0 तेजी से 20 लाख घरों के माइलस्टोन की ओर बढ़ रहा है।
सरकार का जोर इस बात पर है कि स्वीकृत घरों का निर्माण जल्द शुरू हो, जियो-टैगिंग सही तरीके से हो और फंड का सही उपयोग सुनिश्चित हो। राज्यों से अनुरोध किया गया है कि किसी भी बाधा को तुरंत चिन्हित कर उसे दूर किया जाए।
यह मंजूरी शहरी गरीब परिवारों को सुरक्षित और गरिमापूर्ण आवास देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति है। योजना का लाभ उठाने के इच्छुक पात्र परिवार अपने नगर निगम या शहरी स्थानीय निकाय के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं।
