राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अब देश के बेहतरीन पर्यटन स्थलों पर होंगे, अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान
आज गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन हो रहा है। यह पहली बार है जब यह प्रतिष्ठित समारोह दिल्ली से बाहर किसी पर्यटन स्थल पर हो रहा है। एकता नगर दुनिया भर में मशहूर है। यहां सरदार वल्लभभाई पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार को देश के बेहतरीन पर्यटन स्थलों तक ले जा रहे हैं।”

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अब सिर्फ दिल्ली के हॉल या कॉन्फ्रेंस रूम तक सीमित नहीं रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच से प्रेरित होकर इन्हें देश के सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों तक ले जाया जा रहा है।
आज गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन हो रहा है। यह पहली बार है जब यह प्रतिष्ठित समारोह दिल्ली से बाहर किसी पर्यटन स्थल पर हो रहा है। एकता नगर दुनिया भर में मशहूर है। यहां सरदार वल्लभभाई पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार को देश के बेहतरीन पर्यटन स्थलों तक ले जा रहे हैं।”
एकता नगर का महत्व और नया नजरिया
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जब राष्ट्रपति और देशभर के फिल्म उद्योग की बड़ी हस्तियां किसी प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर पहुंचती हैं, तो ज्यादा से ज्यादा लोग उस जगह को जान पाते हैं और वहां आने का मौका मिलता है। पहले ये पुरस्कार सिर्फ कमरे के अंदर होते थे। अब इन्हें लोगों के करीब लाया जा रहा है और साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री ने जी-20 समिट के आयोजन के दौरान भी कार्यक्रमों को देश के अलग-अलग राज्यों में फैलाया था। उसी सोच के साथ फिल्म और पर्यटन को जोड़ने का काम शुरू किया गया है। इससे पर्यटन स्थल को फायदा होगा और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी नए रूप में देशभर में पहुंचेंगे।
राज्यों से प्रस्ताव मांगे
मंत्री ने सभी राज्यों से अपील की है कि वे अपने सबसे अच्छे पर्यटन स्थलों के प्रस्ताव भेजें। प्रस्ताव में बेहतर सुविधाओं और 360 डिग्री विकास की योजना भी शामिल होनी चाहिए। जिस राज्य का प्रस्ताव चुना जाएगा, वहां अगले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार आयोजित किए जाएंगे।
यह कदम फिल्म उद्योग और पर्यटन दोनों को एक साथ मजबूत करने की दिशा में है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा की विविधता को सम्मान देते हैं। अब इन्हें अलग-अलग पर्यटन स्थलों पर ले जाकर देश की सांस्कृतिक एकता और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
एकता नगर में आज का समारोह इस नई सोच की शुरुआत है। आने वाले सालों में देश के अन्य खूबसूरत पर्यटन स्थल भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की मेजबानी कर सकते हैं। इससे न सिर्फ फिल्मकारों को नई जगहें देखने का मौका मिलेगा, बल्कि आम लोगों को भी इन स्थलों के करीब आने का अवसर मिलेगा।
