RPG Life Sciences Q2 नतीजे: कंपनी ने 29 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल वित्तीय परिणाम संबंधी विज्ञप्ति में बताया कि सितंबर में समाप्त तिमाही का परिचालन राजस्व 16.5% बढ़कर ₹211.6 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹181.7 करोड़ था। कंपनी का तिमाही राजस्व पहली बार ₹200 करोड़ के पार पहुंचा। ये तिमाही और छमाही परिणाम अनऑडिटेड हैं।

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में समायोजित EBITDA 15% बढ़कर ₹50.1 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले यह ₹43.6 करोड़ था। इसमें API अधिग्रहण और पुनर्गठन से जुड़ी ₹5.5 करोड़ की एकमुश्त लागत शामिल नहीं है। कंपनी के अनुसार, इस लागत को शामिल करने पर रिपोर्टेड EBITDA ₹44.7 करोड़ रहा।

समायोजित EBITDA मार्जिन 23.7% रहा, जो पिछले साल 24.0% था। हालांकि, सकल मार्जिन में 260 आधार अंकों का विस्तार हुआ। एकमुश्त लागत से पहले समायोजित कर-पूर्व लाभ में 11.3% वृद्धि दर्ज हुई।

छमाही प्रदर्शन और फॉर्म्युलेशन कारोबार

सितंबर 2026 में समाप्त पहली छमाही का परिचालन राजस्व 16.2% बढ़कर ₹407.3 करोड़ रहा। इसी अवधि में समायोजित EBITDA 16.1% बढ़कर ₹97.9 करोड़ पहुंचा।

  • घरेलू फॉर्म्युलेशन कारोबार ने 11.6% वृद्धि दर्ज की। कंपनी ने इसका आधार बिक्री मात्रा और विशेष चिकित्सा क्षेत्रों का प्रदर्शन बताया।
  • Pharmarack के सितंबर 2026 MAT डेटाबेस के अनुसार, कंपनी भारतीय फार्मा बाजार में चौथी सबसे तेजी से बढ़ती कंपनी बनी और शीर्ष 50 की रैंकिंग में शामिल हुई।
  • प्रमुख ब्रांड Naprosyn की बिक्री ₹100 करोड़ के पार पहुंची।
  • अंतरराष्ट्रीय फॉर्म्युलेशन कारोबार की वृद्धि दूसरी तिमाही में 6.4% और पहली छमाही में 7.0% रही।

API अधिग्रहणों का पूरा योगदान तीसरी तिमाही से

API कारोबार की बिक्री दूसरी तिमाही में ₹27.5 करोड़ और पहली छमाही में ₹54.1 करोड़ रही। कंपनी ने अपना API कारोबार RPG Active Pharma को हस्तांतरित किया, InvAscent को निवेशक के तौर पर जोड़ा और Actis Generics तथा Raghava Lifesciences के दो API संयंत्रों का अधिग्रहण पूरा किया।

अधिग्रहीत संयंत्रों ने दूसरी तिमाही में ₹0.5 करोड़ का राजस्व योगदान दिया। सितंबर के अंत में सौदे पूरे होने के कारण कंपनी ने तीसरी तिमाही से दोनों संयंत्रों का पूरा राजस्व योगदान शुरू होने की बात कही। विस्तारित नेटवर्क की विनिर्माण क्षमता पांच गुना और रिएक्टरों की संख्या चार गुना हुई है।

प्रबंध निदेशक Ashok Nair ने कहा कि अब ध्यान अधिग्रहीत कारोबारों के एकीकरण, परिसंपत्तियों के अधिक इस्तेमाल, ग्राहकों से जुड़ाव, अंतरराष्ट्रीय विस्तार और लागत सुधार पर है।