Jindal Steel के नतीजे: Q2 में सकल राजस्व ₹19,448 करोड़, शुद्ध कर्ज घटा
Jindal Steel का Q2FY27 सकल राजस्व 44% बढ़ा और शुद्ध कर्ज ₹1,141 करोड़ घटा। हालांकि, बढ़ती लागत के बीच तिमाही मुनाफा पिछली तिमाही के ₹844 करोड़ से घटकर ₹771

Jindal Steel के नतीजे सामने आने के बाद कंपनी ने 30 अक्टूबर 2026 को BSE में Q2FY27 आय कॉन्फ्रेंस कॉल का ट्रांसक्रिप्ट दाखिल किया। 23 अक्टूबर को हुई कॉल के मुताबिक, कंपनी का समेकित सकल राजस्व 44% सालाना बढ़कर ₹19,448 करोड़ के अब तक के सर्वोच्च तिमाही स्तर पर पहुंचा। शुद्ध राजस्व भी 43% बढ़कर ₹16,704 करोड़ रहा।
कंपनी ने दूसरी तिमाही में 23.8 लाख टन बिक्री दर्ज की। बेहतर औसत बिक्री मूल्य, फ्लैट उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी और लंबे इस्पात उत्पादों में TMT का अनुपात घटने से राजस्व को सहारा मिला। कुल बिक्री मात्रा में घरेलू बाजार की हिस्सेदारी लगभग 92% रही।
समायोजित EBITDA 34% बढ़कर ₹2,504 करोड़ रहा, जबकि प्रति टन समायोजित EBITDA 5% बढ़कर ₹10,529 पहुंचा। हालांकि, कच्चे माल और परिचालन लागत बढ़ने से EBITDA में पिछली तिमाही की तुलना में नरमी रही। समेकित कर-पश्चात मुनाफा भी ₹844 करोड़ से घटकर ₹771 करोड़ रह गया।
कर्ज घटा, नकदी ₹7,237 करोड़ रही
सितंबर के अंत में कंपनी का समेकित शुद्ध कर्ज ₹14,786 करोड़ रहा। जून के अंत के ₹15,927 करोड़ के मुकाबले इसमें ₹1,141 करोड़ की कमी आई। शुद्ध कर्ज और EBITDA का अनुपात 1.71 गुना से सुधरकर 1.51 गुना हुआ। नकदी और नकदी समकक्ष ₹7,237 करोड़ रहे।
- Q2FY27 में पूंजीगत खर्च ₹1,228 करोड़ रहा।
- पहली छमाही में कुल पूंजीगत खर्च ₹3,187 करोड़ हुआ।
- कंपनी के ढांचे में सालाना लगभग ₹7,500–10,000 करोड़ का विस्तार संबंधी पूंजीगत खर्च प्रस्तावित है, जिसे मुख्यतः आंतरिक संसाधनों से पूरा करना है।
प्रबंधन ने कारोबारी चक्र के दौरान शुद्ध कर्ज और EBITDA का अनुपात 1.5 गुना से नीचे रखने का लक्ष्य दोहराया। दूसरी छमाही में विस्तारित संयंत्रों का उत्पादन बढ़ाना, कार्यशील पूंजी का प्रबंधन और लागत प्रतिस्पर्धा सुधारना प्राथमिकताएं रहेंगी।
स्लरी पाइपलाइन से मालभाड़े में बचत की उम्मीद
प्रबंधन ने कॉल में बताया कि 192 किलोमीटर लंबी Barbil–Angul स्लरी पाइपलाइन चालू हो चुकी है और परीक्षण पूरे हो गए हैं। उस समय व्यावसायिक आपूर्ति अगले कुछ दिनों में शुरू होने की अपेक्षा जताई गई थी। कंपनी ने पाइपलाइन से भेजे जाने वाले लौह अयस्क पर ₹700 प्रति टन मालभाड़ा बचत का अनुमान दिया।
कंपनी फ्लैट उत्पादों, जिनमें प्लेट शामिल हैं, की हिस्सेदारी लगभग 60% से बढ़ाकर 65% करना चाहती है। साथ ही, प्रबंधन ने Q3 में कोकिंग कोल की लागत में $20–25 प्रति टन बढ़ोतरी की आशंका जताई। ये लागत और उत्पाद मिश्रण संबंधी आंकड़े प्रबंधन के अनुमान तथा लक्ष्य हैं।
