Sharda Cropchem नतीजे: कंपनी ने 30 अक्टूबर, 2026 को BSE में दाखिल वित्तीय नतीजों में बताया कि सितंबर में समाप्त तिमाही का समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 23.36% बढ़कर ₹91.73 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹74.36 करोड़ था। परिचालन राजस्व 13.19% बढ़कर ₹1,051.68 करोड़ पहुंचा, जो एक साल पहले ₹929.11 करोड़ था।

कंपनी के बोर्ड ने इसी दिन सितंबर तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन तथा समेकित नतीजों को मंजूरी दी। नीचे दिए गए वित्तीय आंकड़े केवल समेकित कारोबार के हैं। स्टैंडअलोन समीक्षा रिपोर्ट का अंश उपलब्ध है, लेकिन उसके वित्तीय आंकड़े दिए गए स्रोत में मौजूद नहीं हैं।

सितंबर तिमाही का सालाना तुलनात्मक प्रदर्शन

राशियां करोड़ रुपये में हैं; प्रति शेयर आय यानी EPS रुपये में है। प्रतिशत बदलाव मूल लाख रुपये वाले आंकड़ों से निकाले गए हैं।

मद सितंबर 2026 तिमाही सितंबर 2025 तिमाही सालाना बदलाव
परिचालन राजस्व 1,051.68 929.11 13.19% वृद्धि
कुल आय 1,096.31 958.49 14.38% वृद्धि
कर-पूर्व मुनाफा 107.49 85.72 25.39% वृद्धि
शुद्ध मुनाफा 91.73 74.36 23.36% वृद्धि
बेसिक और डाइल्यूटेड EPS 10.17 8.24 23.42% वृद्धि

तिमाही EPS का वार्षिकीकरण नहीं किया गया है।

छमाही में राजस्व बढ़ा, मुनाफा घटा

अप्रैल-सितंबर 2026 में समेकित परिचालन राजस्व ₹2,125.45 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹1,913.93 करोड़ था। हालांकि, छमाही का शुद्ध मुनाफा घटकर ₹179.74 करोड़ रह गया, जो एक साल पहले ₹217.15 करोड़ था। कर-पूर्व मुनाफा भी ₹254.86 करोड़ से घटकर ₹225.91 करोड़ रहा।

सितंबर तिमाही में एग्रोकेमिकल्स कारोबार का राजस्व ₹839.73 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले ₹802.74 करोड़ था। इस खंड का परिणाम ₹34.44 करोड़ से बढ़कर ₹68.85 करोड़ हुआ। गैर-एग्रोकेमिकल्स राजस्व ₹126.37 करोड़ से बढ़कर ₹211.96 करोड़ रहा, लेकिन खंड का परिणाम ₹39.46 करोड़ से घटकर ₹37.36 करोड़ रहा।

कंपनी ने बताया कि एग्रोकेमिकल्स कारोबार मौसमी है और फसल चक्र तथा वैश्विक मौसम से प्रभावित होता है। इसलिए किसी तिमाही का प्रदर्शन दूसरी तिमाहियों या पूरे वर्ष का प्रतिनिधित्व नहीं करता।

ऑडिटर B S R & Co. LLP ने समेकित नतीजों पर बिना संशोधन वाला सीमित समीक्षा निष्कर्ष दिया। यह पूर्ण ऑडिट नहीं है। आठ सहायक कंपनियों और विदेश स्थित एक सहायक कंपनी, जिसमें आठ स्टेप-डाउन कंपनियां शामिल हैं, के लिए दूसरे समीक्षकों की रिपोर्टों पर भरोसा किया गया। विदेशी कंपनी के भारतीय लेखांकन मानकों में रूपांतरण समायोजनों की समीक्षा की गई।

इसके अलावा, 19 सहायक कंपनियों की अंतरिम वित्तीय जानकारी की समीक्षा नहीं हुई थी। इनकी कुल परिसंपत्तियां ₹78 लाख, तिमाही राजस्व शून्य और तिमाही शुद्ध घाटा ₹21 लाख था। प्रबंधन ने इन्हें समूह के लिए गैर-महत्वपूर्ण बताया। इन मामलों के कारण ऑडिटर का निष्कर्ष संशोधित नहीं हुआ।