QGO Finance का NCD आवंटन 30 अक्टूबर 2026 को हुआ है। कंपनी ने उसी दिन BSE को दी गई फाइलिंग में बताया कि उसने ₹1 करोड़ के 100 गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (NCD) आवंटित किए हैं। प्रत्येक डिबेंचर का अंकित मूल्य ₹1 लाख है। निदेशक मंडल के बहुमत ने सर्कुलेशन के जरिए प्रस्ताव पारित कर इस आवंटन को मंजूरी दी।

ये NCD पात्र निवेशकों को निजी प्लेसमेंट के आधार पर जारी किए गए हैं। फाइलिंग के मुताबिक, डिबेंचर हस्तांतरणीय, असुरक्षित, गैर-सूचीबद्ध और रिडीमेबल हैं। इनका किसी स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होना प्रस्तावित नहीं है। कंपनी ने यह जानकारी SEBI के लिस्टिंग नियमों के Regulation 30 के तहत दी है।

मासिक ब्याज भुगतान और नौ साल की अवधि

आवंटित NCD पर 12% सालाना ब्याज दिया जाएगा, जिसका भुगतान हर महीने होगा। फाइलिंग में साधन की अवधि नौ साल बताई गई है। आवंटन की तारीख 30 अक्टूबर 2026 और परिपक्वता की तारीख 29 अक्टूबर 2035 है। इस तरह ब्याज भुगतान की आवृत्ति मासिक है, जबकि डिबेंचर की परिपक्वता अलग निर्धारित तारीख पर होगी।

  • प्रति NCD अंकित मूल्य: ₹1 लाख।
  • इस आवंटन में जारी डिबेंचर: 100।
  • ब्याज दर: 12% प्रति वर्ष, मासिक भुगतान के साथ।
  • संपत्ति पर सुरक्षा या चार्ज: लागू नहीं, क्योंकि NCD असुरक्षित हैं।

डिबेंचर की शर्तों में ब्याज दर के साथ उनकी सुरक्षा और सूचीबद्धता की स्थिति भी स्पष्ट की गई है। कंपनी की परिसंपत्तियों पर इनके लिए कोई चार्ज नहीं बनाया गया है। विशेष अधिकार, हित या विशेषाधिकार से जुड़े विवरण को फाइलिंग में लागू नहीं बताया गया है।

₹2 करोड़ के इश्यू में ₹1 करोड़ का आवंटन

कंपनी ने कुल इश्यू का आकार ₹2 करोड़ बताया है, जबकि इस बार आवंटित राशि ₹1 करोड़ है। इसलिए कुल इश्यू आकार और मौजूदा आवंटन राशि अलग हैं। संलग्न विवरण में इसे Tranche-XLVII का आवंटन बताया गया है।

इस विवरण के अनुसार, 100 प्रतिभूतियां आवंटित हुई हैं और 100 प्रतिभूतियों का आवंटन लंबित है। पहले से आवंटित प्रतिभूतियों की संख्या शून्य दर्ज की गई है। BSE को भेजे गए पत्र पर प्रबंध निदेशक Rachana Singi के हस्ताक्षर हैं। एक्सचेंज पर कंपनी का Scrip Code 538646 और Scrip ID QGO है।