मुंबई, 15 सितंबर 2026 – भारत की प्रमुख लिस्टेड माइक्रोफाइनेंस कंपनी म्यूथूट माइक्रोफिन लिमिटेड ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए लिस्टेड, रेटेड, सिक्योर्ड और रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) के माध्यम से 250 करोड़ रुपये जुटाए हैं। ये NCD बीएसई लिमिटेड पर लिस्ट होंगे।

कंपनी ने कुल 2,50,000 NCD आवंटित किए हैं। हर NCD का फेस वैल्यू 10,000 रुपये है। इनकी अवधि 24 महीने है और इन पर सालाना 9.25 प्रतिशत का कूपन रेट मिलेगा, जो मासिक आधार पर भुगतान किया जाएगा। ये इंस्ट्रूमेंट कंपनी की रिसीवेबल्स पर फर्स्ट-रैंकिंग एक्सक्लूसिव चार्ज से सुरक्षित हैं।

म्यूथूट माइक्रोफिन के सीईओ सदाफ सईद ने कहा, “250 करोड़ रुपये का यह फंड जुटाना हमारी फंडिंग प्रोफाइल को मजबूत करने और पूंजी के विविध स्रोतों तक पहुंच बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वित्त वर्ष 2026 में हमारी फंडिंग लागत 75 बेसिस पॉइंट्स घटी है। हम लगातार उधारी की लागत को अनुकूल बनाने पर फोकस कर रहे हैं। हाल ही में CRISIL ने हमारी क्रेडिट रेटिंग को AA-/Stable में अपग्रेड किया है। इससे हमें प्रतिस्पर्धी दरों पर फंडिंग हासिल करने और लायबिलिटी मिक्स को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मध्यम अवधि में यह मार्जिन को मजबूत करने के साथ-साथ जिम्मेदारी से ग्रोथ करने और ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बनाने में सहायक होगा।”

यह फंड रेज कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा मंजूर सीमा के अंदर है। इससे निवेशकों का म्यूथूट माइक्रोफिन की वित्तीय मजबूती और ग्रोथ ट्रैजेक्टरी पर भरोसा फिर से साबित होता है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह NCD इश्यू?

माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में फंडिंग की लागत और लायबिलिटी डाइवर्सिफिकेशन हमेशा चुनौती रही है। म्यूथूट माइक्रोफिन लगातार अपनी बॉरोइंग कॉस्ट कम करने और सिक्योर्ड इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए मजबूत फंडिंग बेस बनाने पर काम कर रही है। 9.25 प्रतिशत का आकर्षक कूपन और मासिक ब्याज भुगतान छोटे और मझोले निवेशकों के लिए भी दिलचस्प विकल्प बनाता है।

कंपनी का फोकस अब मार्जिन सुधारने, जिम्मेदार ग्रोथ और ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बनाने पर है। CRISIL की AA-/Stable रेटिंग अपग्रेड के बाद बाजार में कंपनी की पहुंच और मजबूत होने की उम्मीद है।

म्यूथूट माइक्रोफिन की यह फंडिंग माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री में NCD के जरिए पूंजी जुटाने के ट्रेंड को और मजबूत करती है। निवेशक अब कंपनी की अगली ग्रोथ स्ट्रैटेजी और फंड यूटिलाइजेशन पर नजर रखेंगे।