अहमदाबाद, 9 सितंबर 2026: भारत के सबसे बड़े और दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर APSEZ ने ओडिशा के पारादीप पोर्ट पर दो ड्राई बल्क बर्थ के विकास और संचालन के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई है। कंपनी को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिल गया है। इससे 18 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) की नई क्षमता जुड़ने के बाद APSEZ का कुल घरेलू पोर्टफोलियो 671 MMT तक पहुंच जाएगा। यह कंपनी के 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो थ्रूपुट के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम है।

30 साल के इस कन्सेशन प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलाया जाएगा। APSEZ पारादीप में CQ-I और CQ-II बर्थ विकसित करेगा। इनमें अत्याधुनिक मैकेनाइज्ड कार्गो हैंडलिंग सिस्टम, डीप-ड्राफ्ट बर्थ और बड़े पैमाने पर स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होगा।

APSEZ के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा, “पारादीप कन्सेशन से ईस्ट कोस्ट पर APSEZ की उपस्थिति और मजबूत होगी। इससे हमें भारत के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और खनिज-समृद्ध हिंटरलैंड तक पहुंच मिलेगी। पारादीप के साथ APSEZ का नेटवर्क देश के 11,000 किलोमीटर लंबे समुद्र तट पर 16 पोर्ट और टर्मिनल तक फैल गया है। इससे हम एकीकृत पोर्ट, लॉजिस्टिक्स और मरीन सॉल्यूशंस देने में और बेहतर होंगे।”

पारादीप पोर्ट क्यों महत्वपूर्ण है?

पारादीप पोर्ट भारत का दूसरा सबसे बड़ा मेजर पोर्ट है। यह खनिज-समृद्ध क्षेत्र में स्थित है और आसपास कई बड़े स्टील प्लांट हैं। यहां मुख्य रूप से कोयला, लाइमस्टोन और अन्य ड्राई बल्क कार्गो का हैंडलिंग होता है। APSEZ के इस टर्मिनल से पूर्वी और मध्य भारत के औद्योगिक क्लस्टर तक पहुंच बढ़ेगी।

भारत के ईस्ट कोस्ट पोर्ट्स पर पहले से ही हाई यूटिलाइजेशन है और कार्गो डिमांड लगातार बढ़ रही है। स्टील प्लांट्स के विस्तार और घरेलू कोयले को बढ़ावा देने की सरकारी नीति के बीच यह प्रोजेक्ट क्षेत्रीय क्षमता की कमी को दूर करने में मदद करेगा। इससे औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।

APSEZ की मौजूदा स्थिति और भविष्य

  • नई क्षमता: 18 MMT
  • कुल घरेलू क्षमता: 671 MMT
  • लक्ष्य: 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो थ्रूपुट
  • नेटवर्क: अब 16 पोर्ट और टर्मिनल

यह सौदा APSEZ के लिए ईस्ट कोस्ट पर रणनीतिक विस्तार है। पारादीप जैसे महत्वपूर्ण गेटवे पर मजबूत उपस्थिति से कंपनी को कोयला, लाइमस्टोन और अन्य बल्क कमोडिटीज की बढ़ती मांग को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी।

पारादीप पोर्ट प्रोजेक्ट न सिर्फ APSEZ के लिए बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है। क्षमता बढ़ाने और मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने से कार्गो मूवमेंट तेज और कुशल बनेगा।