राजेंद्र कुमार को मिला अंतर राज्य परिषद सचिवालय का अतिरिक्त प्रभार, 11 से 20 सितंबर तक संभालेंगे जिम्मेदारी
सरकारी आदेश के अनुसार यह अतिरिक्त प्रभार अस्थायी है और केवल अवकाश अवधि तक सीमित रखा गया है। श्री राजेंद्र कुमार पहले से सीमा प्रबंधन विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत हैं। अब उन्हें अंतर राज्य परिषद से जुड़े कार्यों का भी दायित्व सौंपा गया है।

नई दिल्ली। सक्षम प्राधिकारी ने सीमा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री राजेंद्र कुमार, आईएएस (तमिलनाडु कैडर: 1992) को अंतर राज्य परिषद सचिवालय के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की मंजूरी दे दी है। यह व्यवस्था 11 सितंबर 2026 से 20 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी।
इस अवधि में अंतर राज्य परिषद सचिवालय के वर्तमान सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव, आईएएस (मध्य प्रदेश कैडर: 1992) अवकाश पर रहेंगे। उनकी अनुपस्थिति के दौरान श्री राजेंद्र कुमार दोनों विभागों की जिम्मेदारियां संभालेंगे।
सरकारी आदेश के अनुसार यह अतिरिक्त प्रभार अस्थायी है और केवल अवकाश अवधि तक सीमित रखा गया है। श्री राजेंद्र कुमार पहले से सीमा प्रबंधन विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत हैं। अब उन्हें अंतर राज्य परिषद से जुड़े कार्यों का भी दायित्व सौंपा गया है।
अंतर राज्य परिषद संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत गठित एक महत्वपूर्ण मंच है। यह केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने, विवादों के समाधान और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसे में सचिव पद की निरंतरता बनाए रखना प्रशासनिक दृष्टि से आवश्यक माना जाता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह व्यवस्था सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। अवकाश पर गए अधिकारियों के स्थान पर वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देने की प्रथा केंद्र सरकार में नियमित रूप से अपनाई जाती है। इससे कामकाज में किसी तरह की बाधा नहीं आती।
श्री राजेंद्र कुमार 1992 बैच के अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक पदों पर काम किया है। वर्तमान में सीमा प्रबंधन विभाग में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। अब अस्थायी रूप से अंतर राज्य परिषद सचिवालय का अतिरिक्त दायित्व भी उनके पास आ गया है।
यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किया गया है। अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि दोनों विभागों के कामकाज को सुचारू रूप से चलाया जाए।
(नोट: यह जानकारी सरकारी आदेश पर आधारित है। आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही पूर्ण विवरण उपलब्ध हो सकता है।)
