Jindal Photo डीलिस्टिंग के लिए कंपनी ने 23 अक्टूबर 2026 को BSE में लेटर ऑफ ऑफर दाखिल किया। प्रस्ताव में कंपनी के शेयरों को BSE और NSE से स्वैच्छिक रूप से हटाने की योजना है। ऑफर का फ्लोर प्राइस ₹1,119.50 प्रति शेयर और सांकेतिक मूल्य ₹1,120 प्रति शेयर है। सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए बोली अवधि 2 से 6 नवंबर 2026 तक निर्धारित है।

22 अक्टूबर को जारी ऑफर लेटर के अनुसार, अधिग्रहणकर्ता सार्वजनिक शेयरधारकों से 26,46,183 इक्विटी शेयर खरीदना चाहते हैं। ये कंपनी की चुकता इक्विटी पूंजी का 25.80% हैं। ₹10 अंकित मूल्य वाले पूर्ण भुगतान किए गए शेयरों के लिए ऑफर रिवर्स बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया से संचालित होगा। सांकेतिक मूल्य को अंतिम निकास मूल्य नहीं माना जाना चाहिए; मूल्य निर्धारण और उसकी स्वीकृति ऑफर की शर्तों के अधीन हैं।

कौन ला रहा है डीलिस्टिंग ऑफर

प्रमोटर समूह की Concatenate Power Advest Private Limited और Concatenate Advest Advisory Private Limited अधिग्रहणकर्ता हैं। Jindal India Power Limited इनके साथ व्यक्ति-सहयोगी यानी PAC के रूप में शामिल है। ऑफर लेटर के मुताबिक, प्रमोटर और प्रमोटर समूह के पास कुल 74.20% हिस्सेदारी है। इसमें Concatenate Power Advest की हिस्सेदारी 73.18% है। दूसरे अधिग्रहणकर्ता और PAC के पास कंपनी के शेयर नहीं हैं।

कंपनी के बोर्ड ने 16 जुलाई और शेयरधारकों ने 18 अगस्त 2026 को डीलिस्टिंग प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। BSE और NSE की सैद्धांतिक मंजूरी 21 अक्टूबर 2026 को मिली। यह प्रस्तावित डीलिस्टिंग प्रक्रिया का चरण है; शेयरों की डीलिस्टिंग पूरी होने की सूचना नहीं है।

Saffron Capital Advisors Private Limited ऑफर की प्रबंधक है। Emkay Global Financial Services Limited खरीद और निपटान के लिए नियुक्त ब्रोकर है, जबकि MUFG Intime India Private Limited रजिस्ट्रार है।

बोली और भुगतान का प्रस्तावित कार्यक्रम

  • ऑफर लेटर और बोली फॉर्म भेजने की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर है।
  • बोली को ऊपर संशोधित करने या वापस लेने की अंतिम तारीख 5 नवंबर है।
  • खोजे गए मूल्य या निकास मूल्य तथा अधिग्रहणकर्ताओं और PAC की स्वीकृति या अस्वीकृति की घोषणा की अंतिम तारीख 11 नवंबर है।
  • खोजा गया मूल्य सांकेतिक मूल्य से अधिक होने पर, संबंधित स्वीकृति की शर्तों के अधीन भुगतान की प्रस्तावित तारीख 18 नवंबर है।

21 अक्टूबर की निर्दिष्ट तारीख केवल ऑफर लेटर भेजने के लिए नाम तय करने से जुड़ी है। सभी सार्वजनिक शेयरधारक अंतिम तारीख तक BSE या NSE में पंजीकृत ब्रोकर के माध्यम से बोली दे सकते हैं। ऑफर लेटर में कार्यक्रम को अस्थायी बताया गया है; आवश्यक मंजूरियों के आधार पर तारीखें बदल सकती हैं।