International Gemological Institute: IGIL IPO फंड उपयोग में विचलन नहीं, ₹1,409.740 करोड़ की शुद्ध
International Gemological Institute की निगरानी रिपोर्ट में IPO राशि के उपयोग में विचलन नहीं मिला। शुद्ध राशि पूरी खर्च हुई; इश्यू खर्च के ₹0.721 करोड़ शेष हैं।

International Gemological Institute Limited ने 21 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल ICRA Limited की निगरानी रिपोर्ट में IPO राशि के उपयोग का ब्योरा दिया। IGIL IPO की 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार, जुटाई गई राशि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप हुआ और कोई विचलन नहीं मिला।
कंपनी ने IPO से प्राप्त ₹1,409.740 करोड़ की पूरी शुद्ध राशि निर्धारित मदों में खर्च कर दी है। इसमें अधिग्रहण के भुगतान और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए आवंटित रकम शामिल है। दोनों मदों में सितंबर तिमाही की शुरुआत तक पूरा उपयोग हो चुका था; तिमाही के दौरान इनमें अतिरिक्त खर्च नहीं हुआ।
कंपनी ने यह रिपोर्ट SEBI के लिस्टिंग नियमों के विनियम 32(6) के तहत जमा की। BSE पर कंपनी का स्क्रिप कोड 544311 और NSE पर प्रतीक IGIL है।
अधिग्रहण और कॉरपोरेट खर्च में कितनी राशि लगी
दिसंबर 2024 में आए IPO का कुल आकार ₹4,225 करोड़ था, जिसमें बिक्री पेशकश यानी OFS शामिल था। OFS को छोड़कर इश्यू का आकार ₹1,475 करोड़ था। इश्यू संबंधी खर्च घटाने के बाद शुद्ध प्राप्तियां ₹1,409.740 करोड़ थीं।
- प्रवर्तक से IGI Belgium Group और IGI Netherlands Group के अधिग्रहण की खरीद राशि चुकाने में ₹1,300 करोड़ का उपयोग हुआ।
- सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए आवंटित ₹109.740 करोड़ भी पूरी तरह खर्च किए गए। इनमें विक्रेताओं को भुगतान, वैधानिक देनदारियां और वेतन शामिल थे।
रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में ₹84.740 करोड़ का उपयोग 31 दिसंबर 2025 तक और शेष ₹25 करोड़ का उपयोग 31 मार्च 2026 तक हुआ। निगरानी रिपोर्ट ने दोनों उद्देश्यों को पूरा बताया है।
इश्यू खर्च के लिए ₹0.721 करोड़ बाकी
इश्यू संबंधी खर्च के लिए निर्धारित ₹65.260 करोड़ में से सितंबर तिमाही के अंत तक ₹64.539 करोड़ खर्च हुए। इसमें तिमाही के दौरान इस्तेमाल किए गए ₹1.492 करोड़ शामिल हैं। इस मद में ₹0.721 करोड़ शेष थे। कंपनी के अनुसार, अधिकांश भुगतान हो चुके हैं और बाकी कुछ बिल मिलने तथा उनके निपटान की प्रक्रिया चल रही है।
इश्यू खर्च सहित निगरानी के दायरे वाली ₹1,475 करोड़ राशि में से कुल ₹1,474.279 करोड़ का उपयोग हुआ। ICRA ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट कंपनी से मिली जानकारी और अन्य विश्वसनीय माने गए स्रोतों पर आधारित है। निगरानी एजेंसी ऑडिट या प्राप्त जानकारी का स्वतंत्र सत्यापन नहीं करती।
