सरकार ने लिए 5 महत्वपूर्ण निर्णय, ‘सहकार से समृद्धि’ विज़न होगा साकार; जानिए क्या हैं वो निर्णय
‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न को साकार करने की दिशा में सरकार ने पांच और महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न को साकार करने की दिशा में सरकार ने पांच और महत्वपूर्ण निर्णय लिए। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की रसायन और उर्वरक मंत्री श्री मनसुख एस मांडविया के साथ नई दिल्ली में की गई बैठक में यह निर्णय किए गए। बैठक में सहकारिता मंत्रालय व उर्वरक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहें I
बैठक में यह 5 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए–
1. देशभर में लगभग एक लाख प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियां मौजूद हैं। मैपिंग के आधार पर उर्वरक खुदरा विक्रेता के रूप में कार्य नहीं कर रहीं प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) की पहचान की जाएगी और व्यवहार्यता के आधार पर उन्हें चरणबद्ध तरीके से खुदरा विक्रेता के रूप में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
2. जो पैक्स अभी प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों (पीएमकेएसके) के रूप में कार्य नहीं कर रही हैं उन्हें पीएमकेएसके के दायरे में लाया जाएगा।
3. जैविक उर्वरकों, विशेष रूप से फर्मेंटेड जैविक खाद (FoM)/तरल फर्मेंटेड जैविक खाद (LFOM) / फॉस्फेट समृद्ध जैविक खाद (PROM) के विपणन में पैक्स को जोड़ा जाएगा।
4. उर्वरक विभाग की मार्किट डेवलपमेंट असिस्टेंस (एमडीए) योजना के तहत उर्वरक कंपनियां छोटे बायो-ऑर्गेनिक उत्पादकों के लिए एक एग्रीगेटर के रूप में कार्य कर अंतिम उत्पाद का विपणन करेंगी, इस आपूर्ति और विपणन श्रृंखला में थोक/ खुदरा विक्रेताओं के रूप में पैक्स को भी शामिल किया जाएगा।
5. उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए पैक्स को ड्रोन उद्यमियों के रूप में भी कार्यरत किया जा सकेगा, साथ ही, ड्रोन का उपयोग संपत्ति सर्वेक्षण के लिए भी किया जा सकता है।
इन निर्णयों के लाभ:
इन महत्वपूर्ण निर्णयों से प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के कार्य क्षेत्रों में विस्तार होगा जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के भी अवसर बढ़ेंगे और किसानों को उर्वरक, कीटनाशक, बीज तथा कृषि मशीनरी आदि स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।
