Swastika Infra ऑर्डर बुक ₹1,400 करोड़ से अधिक, प्रेजेंटेशन में ₹616 करोड़ के काम का ब्योरा
Swastika Infra ने निवेशक प्रेजेंटेशन में ₹1,400 करोड़ से अधिक की ऑर्डर बुक बताई। इसमें MSEDCL के करीब ₹616 करोड़ के वितरण कार्य और नौ राज्यों में कारोबार का

Swastika Infra ऑर्डर बुक करीब ₹1,400 करोड़ से अधिक है। कंपनी ने 22 अक्टूबर, 2026 को BSE में दाखिल निवेशक प्रेजेंटेशन में यह जानकारी दी। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों से संबंधित इस प्रेजेंटेशन में कंपनी ने वितरण, ट्रांसमिशन और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का ब्योरा रखा।
जयपुर मुख्यालय वाली बिजली ट्रांसमिशन एवं वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा EPC कंपनी ने MSEDCL से भांडुप के लिए करीब ₹616 करोड़ का वितरण ऑर्डर मिलने का उल्लेख किया। कंपनी के मुताबिक, स्वतंत्र रूप से हासिल किया गया यह उसका अब तक का सबसे बड़ा वितरण ऑर्डर है। प्रेजेंटेशन में इसे पहले से हासिल काम के तौर पर बताया गया है।
फंडिंग और राज्यों के लिहाज से ऑर्डर बुक
कंपनी के अनुसार, 79% ऑर्डर बुक World Bank, ADB और केंद्र सरकार के वित्तपोषण स्रोतों से समर्थित है। उसका कहना है कि ऐसे वित्तपोषण से भुगतान मिलने की स्थिति अधिक स्पष्ट रहती है और भुगतान में देरी का जोखिम कम करने में मदद मिलती है।
- कंपनी की परियोजनाएं नौ राज्यों में हैं और किसी एक राज्य का ऑर्डर बुक में हिस्सा 25% से अधिक नहीं है।
- पोर्टफोलियो में वितरण के साथ ट्रांसमिशन और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं।
- कुल 17 लंबित ऑर्डर में नौ एक साल से कम पुराने, पांच एक से दो साल पुराने और तीन दो से तीन साल पुराने हैं।
- तीन साल से अधिक पुराना कोई लंबित ऑर्डर नहीं बताया गया है।
Swastika Infra ने 36 परियोजनाएं पूरी करने और 180 से अधिक कर्मचारियों की टीम होने की जानकारी भी दी। उसकी सेवाओं में भूमिगत केबलिंग, ग्रामीण एवं शहरी विद्युतीकरण, सबस्टेशन निर्माण और सोलर पार्क विकास शामिल हैं।
वित्तीय प्रदर्शन और नए क्षेत्रों में काम
प्रेजेंटेशन के मुताबिक, FY2026 में कंपनी का राजस्व ₹503.6 करोड़, EBITDA ₹70.9 करोड़ और कर-पश्चात लाभ ₹41.4 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 14.1% और कर-पश्चात लाभ मार्जिन 8.2% बताया गया। ये आंकड़े पूरे वित्त वर्ष के हैं।
कंपनी ने 132 kV ट्रांसमिशन लाइन और GSS स्थापित करने का ऑर्डर मिलने के साथ ट्रांसमिशन क्षेत्र में प्रवेश का उल्लेख किया। RSPDCL और WBSEDCL से मिले ऑर्डर के जरिए नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश की जानकारी भी दी गई। निकट अवधि की योजना में अधिक मूल्य वाली बिजली EPC परियोजनाओं पर ध्यान, भौगोलिक विस्तार और संबद्ध बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में विविधीकरण शामिल है।
