Shree Salasar Investments ने 21 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि उसके बोर्ड ने उसी दिन हुई बैठक में प्रवर्तक और चुनिंदा गैर-प्रवर्तक श्रेणी के निवेशकों को तरजीही आधार पर 18.50 लाख वारंट आवंटित करने की मंजूरी दी। चार निवेशकों को किए गए इस आवंटन में प्रत्येक वारंट को एक इक्विटी शेयर में बदलने का अधिकार मिलेगा। कंपनी का BSE कोड 503635 है।

निर्गम मूल्य ₹175 प्रति वारंट रखा गया है और कुल निर्गम राशि ₹32,37,50,000 है। यह पूरे निर्गम का मूल्य है; वारंट को शेयरों में बदलने के लिए आवंटियों को शेष भुगतान करना होगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वारंट जारी करने से अभी उसकी चुकता इक्विटी शेयर पूंजी में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

चार निवेशकों को कितना आवंटन मिला

फाइलिंग के अनुलग्नक में निवेशकवार आवंटन दिया गया है। Ajay Dilkush Sarupria और Shailesh Ginsulal Hingarh को नौ-नौ लाख वारंट मिले हैं, जबकि अन्य दो निवेशकों को 25,000-25,000 वारंट आवंटित किए गए हैं।

  • Ajay Dilkush Sarupria: 9,00,000 वारंट; पूर्ण रूपांतरण पर 32,38,779 शेयर और 36.71% हिस्सेदारी।
  • Shailesh Ginsulal Hingarh: 9,00,000 वारंट; पूर्ण रूपांतरण पर 32,40,778 शेयर और 36.74% हिस्सेदारी।
  • Harshad Sobhagchand Dholakia: 25,000 वारंट; पूर्ण रूपांतरण पर 32,500 शेयर और 0.37% हिस्सेदारी।
  • Seeta Harshad Dholakia: 25,000 वारंट; पूर्ण रूपांतरण पर 32,500 शेयर और 0.37% हिस्सेदारी।

ये शेयर संख्या और हिस्सेदारी के आंकड़े सभी वारंट के पूर्ण रूपांतरण की धारणा पर आधारित हैं। इन्हें वारंट आवंटन के तुरंत बाद की मौजूदा इक्विटी हिस्सेदारी नहीं माना जाना चाहिए।

रूपांतरण के लिए 18 महीने की अवधि

आवंटी वारंट आवंटन की तारीख से 18 महीने के भीतर रूपांतरण का अधिकार इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें निर्गम मूल्य का शेष 75% भुगतान करना होगा। सभी वारंट के रूपांतरण पर ₹10 अंकित मूल्य वाले 18.50 लाख इक्विटी शेयर आवंटित होंगे। ये शेयर सभी मामलों में कंपनी के मौजूदा इक्विटी शेयरों के समान अधिकार रखेंगे।

कंपनी के अनुसार, इस निर्गम के लिए BSE से 13 अक्टूबर, 2026 के पत्र के जरिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। फाइलिंग में तरजीही वारंट निर्गम को SEBI के ICDR Regulations, 2018, कंपनी अधिनियम, 2013 और संबंधित नियमों के तहत बताया गया है। कंपनी ने आवंटन की जानकारी SEBI के सूचीबद्धता नियमों के Regulation 30 के अंतर्गत दी है।