Transformers and Rectifiers (India): TARIL Q2 नतीजे: राजस्व 66% बढ़कर ₹709 करोड़, ऑर्डर बुक ₹7,237
TARIL का Q2 FY27 standalone राजस्व 66% बढ़ा और EBITDA मार्जिन 16.1% रहा। ₹7,237 करोड़ की ऑर्डर बुक के साथ कंपनी ने क्षमता विस्तार और कार्यशील पूंजी पर जानकारी

TARIL Q2 नतीजे: Transformers and Rectifiers (India) Ltd ने 22 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में जारी अर्निंग्स कॉल ट्रांसक्रिप्ट में बताया कि सितंबर तिमाही का standalone राजस्व सालाना 66% बढ़कर ₹709 करोड़ रहा। 13 अक्टूबर को हुई कॉल में प्रबंधन ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के प्रदर्शन पर चर्चा की।
Q2 FY27 में EBITDA सालाना 203% बढ़कर ₹114 करोड़ पहुंचा। EBITDA मार्जिन 16.1% रहा, जबकि एक साल पहले यह 8.8% और पिछली तिमाही में 13.3% था। कंपनी ने बेहतर क्षमता उपयोग, ऑर्डर निष्पादन और परिचालन दक्षता को इस सुधार की वजह बताया। तिमाही आधार पर राजस्व 27% और EBITDA 53% बढ़ा।
पहली छमाही में standalone राजस्व 35% बढ़कर ₹1,268 करोड़ और EBITDA 47% बढ़कर ₹185 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 13.4% से बढ़कर 14.6% हुआ।
ऑर्डर बुक और नए कारोबार की स्थिति
30 सितंबर तक कंपनी की लंबित ऑर्डर बुक ₹7,237 करोड़ थी, जो सालाना 32% अधिक है। प्रबंधन के मुताबिक इसका निष्पादन अगले 18 से 24 महीनों में होना है। दूसरी तिमाही में ₹1,169 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, जो पिछले साल के निचले आधार पर 97% अधिक रहे।
- कंपनी को NPCIL की Kaiga इकाइयों 5 और 6 के लिए जनरेटर ट्रांसफॉर्मर का पहला परमाणु ऊर्जा क्षेत्र का ऑर्डर मिला।
- अगस्त में Megha Engineering and Infrastructures Limited से ट्रांसफॉर्मर ऑर्डर और APTRANSCO से आशय पत्र मिला।
- अक्टूबर में Damodar Valley Corporation और GETCO से भी ऑर्डर मिले। ये सितंबर के बाद के घटनाक्रम हैं।
प्रबंधन ने ₹21,000 करोड़ की पूछताछ और बोलियों पर बातचीत की जानकारी दी। इनमें 80% घरेलू और 20% निर्यात अवसर हैं; यह राशि पक्की ऑर्डर बुक से अलग है।
क्षमता विस्तार और कार्यशील पूंजी पर ध्यान
Changodar विस्तार लगभग पूरा है और कॉल के समय वाणिज्यिक उत्पादन दिवाली के आसपास शुरू होने की उम्मीद थी। प्रबंधन ने इस संयंत्र की कुल क्षमता 35,000 MVA और विस्तार पर करीब ₹150 करोड़ का पूंजीगत खर्च बताया।
30 सितंबर को standalone कुल कर्ज करीब ₹575 करोड़ और नकद व नकद समकक्ष करीब ₹77 करोड़ थे। शुद्ध कार्यशील पूंजी चक्र लगभग 154 दिन रहा। प्रबंधन ने इसे घटाकर 110 से 120 दिनों के करीब लाने का लक्ष्य बताया।
कंपनी ने FY27 के लिए 25% वृद्धि और 9% से 10% PAT मार्जिन का पूर्वानुमान बरकरार रखा। ये प्रबंधन के लक्ष्य हैं। कच्चे माल की कीमतें ऊंची रहने के बावजूद अधिकांश ऑर्डरों में मूल्य समायोजन की शर्त होने से मार्जिन पर असर सीमित रहने की बात कही गई।
