UCO Bank बेंचमार्क रेट बदले: 3 और 12 माह की TBLR घटी, MCLR स्थिर
UCO Bank ने 3 और 12 माह की TBLR घटाई, जबकि सभी MCLR दरें स्थिर रखीं। नई TBLR और G-Sec आधारित दरें 7 अगस्त 2026 से प्रभावी हैं।

UCO Bank बेंचमार्क रेट में बदलाव किया गया है। बैंक ने 7 अगस्त 2026 को BSE में दाखिल सूचना में बताया कि उसकी Asset Liability Management Committee (ALCO) ने बेंचमार्क दरों की समीक्षा के बाद चुनिंदा दरों में संशोधन का फैसला किया है। नई TBLR और G-Sec आधारित दरें 7 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं।
संशोधन के तहत तीन माह की TBLR 5.30% से घटाकर 5.25% और 12 माह की TBLR 5.80% से घटाकर 5.65% की गई है। वहीं छह माह की TBLR 5.50% पर यथावत रखी गई है। UCO G-Sec Rate (एक वर्ष) 5.57% से बढ़ाकर 5.80% किया गया, जबकि 10-year G-Sec Rate का annualized par-yield YTM 6.85% से संशोधित होकर 6.96% हो गया। बैंक ने स्पष्ट किया कि अन्य सूचीबद्ध बेंचमार्क दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
MCLR की सभी अवधि वाली दरें अपरिवर्तित
UCO Bank ने Marginal Cost of Funds Based Lending Rate यानी MCLR की किसी भी अवधि में बदलाव नहीं किया है। बैंक की अवधि-वार MCLR दरें इस प्रकार हैं:
| अवधि | MCLR |
|---|---|
| Overnight | 7.90% |
| एक माह | 8.20% |
| तीन माह | 8.45% |
| छह माह | 8.70% |
| एक वर्ष | 8.80% |
इसके अलावा Repo Linked Rate–UCO Float 8.05% और Repo Linked Rate–UCO Prime 5.25% पर बनी हुई है। Base Rate 9.60% तथा BPLR 14.25% पर अपरिवर्तित रखी गई है।
फाइलिंग के अनुसार, प्रभावी संशोधन तीन और 12 माह की TBLR तथा G-Sec से जुड़ी दरों तक सीमित है। छह माह की TBLR, Repo Linked Rate, Base Rate और BPLR में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। इससे अलग-अलग बेंचमार्क से जुड़े ऋणों की दरों पर होने वाला प्रभाव संबंधित ऋण की शर्तों और लागू बेंचमार्क पर निर्भर करेगा।
निवेशकों और कर्जदारों के लिए क्या अहम है?
बेंचमार्क दरों की इस समीक्षा में एक ओर छोटी और 12 माह की TBLR में कटौती हुई है, तो दूसरी ओर एक वर्ष की UCO G-Sec Rate और 10-year G-Sec par-yield YTM बढ़े हैं। इसलिए किसी ग्राहक के लिए वास्तविक असर उसके ऋण से जुड़े बेंचमार्क और पुनर्निर्धारण की शर्तों के आधार पर अलग हो सकता है।
BSE पर सूचीबद्ध UCO Bank का सcrip code 532505 है, जबकि NSE पर इसका प्रतीक UCOBANK है। यह सूचना बैंक के Company Secretary Vikash Gupta ने एक्सचेंजों को दी। निवेशकों के लिए मुख्य तथ्य यह है कि बैंक की MCLR संरचना, Repo Linked Rates, Base Rate और BPLR फिलहाल स्थिर हैं, जबकि चुनिंदा TBLR और G-Sec आधारित दरें संशोधित हुई हैं।
