Eris Lifesciences ने 9 सितंबर 2026 की BSE फाइलिंग में Axis Bank Limited से ₹45 करोड़ का टर्म लोन लेने की जानकारी दी। कंपनी के मुताबिक, उसने अन्य देनदारियां चुकाने के लिए यह राशि निकाल ली है। ऋण समझौते पर भी 9 सितंबर 2026 को हस्ताक्षर हुए।

कंपनी ने इस लेनदेन को नियमित वित्तीय समायोजन बताया है। उसने कहा कि इससे तिमाही के अंत में अपेक्षित नेट डेट पर असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, फाइलिंग में तिमाही अंत के लिए अनुमानित नेट डेट की कोई राशि नहीं दी गई है। इसलिए इस जानकारी को कंपनी के बताए सीमित दायरे में ही पढ़ा जाना चाहिए।

ऋण का घोषित उपयोग अन्य देनदारियों को पूरा करना है। फाइलिंग में इन देनदारियों का अलग-अलग विवरण या भुगतान का कार्यक्रम नहीं बताया गया है।

ऋण की सुरक्षा और बकाया रकम का विवरण

समझौते के तहत Axis Bank का कंपनी के ब्रांड्स पर चार्ज होगा। फाइलिंग में सुरक्षा के रूप में यही विवरण दिया गया है; संबंधित ब्रांड्स के नाम या उनका मूल्य नहीं बताया गया है।

ऋण समझौते के संलग्न विवरण में कुल बकाया के अंतर्गत दो श्रेणियां दर्ज हैं:

  • टर्म लोन: ₹155.77 करोड़।
  • वर्किंग कैपिटल लोन: ₹55 करोड़।

इन आंकड़ों को कंपनी ने बकाया ऋण के तौर पर प्रस्तुत किया है। इन्हें तिमाही अंत का अनुमानित नेट डेट नहीं बताया गया है। उपलब्ध विवरण में नए टर्म लोन की ब्याज दर, अवधि और किस्तों में भुगतान की शर्तें भी नहीं दी गई हैं।

राशि के लिखित विवरण में अंतर

फाइलिंग के मुख्य पत्र, ऋण के उद्देश्य और समझौते के आकार वाले हिस्सों में रकम ₹45 करोड़ है। ऋण की विस्तृत तालिका में भी अंकों में ₹45,00,00,000 दर्ज है, लेकिन उसी पंक्ति में शब्दों में लिखी राशि उससे मेल नहीं खाती। इस रिपोर्ट में मुख्य पत्र और अन्य संबंधित प्रविष्टियों में दर्ज ₹45 करोड़ को आधार बनाया गया है।

कंपनी ने यह सूचना SEBI LODR के Regulation 30 के तहत BSE और National Stock Exchange को भेजी। पत्र पर Company Secretary & Compliance Officer Milind Talegaonkar के हस्ताक्षर हैं। कंपनी का BSE सुरक्षा कोड 540596 और NSE प्रतीक ERIS है।

Source: BSE corporate announcement.