ICICI Bank विदेशी उधारी से जुड़े एक अहम फैसले में बैंक के निदेशक मंडल ने overseas markets में bonds, notes और offshore Certificates of Deposit जारी करके धन जुटाने की संशोधित सीमा को USD 5.00 अरब तक मंजूरी दे दी है। बैंक ने 21 अगस्त 2026 को BSE में दाखिल बोर्ड बैठक के नतीजे में इसकी जानकारी दी।

फाइलिंग के अनुसार, यह फैसला ICICI Bank Limited के बोर्ड की उसी दिन हुई बैठक में लिया गया। बैंक ने स्पष्ट किया कि मंजूरी उधारी के लिए निर्धारित संशोधित अधिकतम सीमा से संबंधित है। उपलब्ध सूचना में किसी प्रस्तावित निर्गम का अलग आकार, ब्याज दर, अवधि या जारी करने की तारीख नहीं बताई गई है।

किन माध्यमों से जुटाई जा सकेगी रकम

बोर्ड की मंजूरी के दायरे में विदेशी बाजारों में अलग-अलग ऋण साधनों के जरिये उधारी शामिल है। फाइलिंग में निम्न माध्यम बताए गए हैं:

  • Bonds का निर्गम
  • Notes का निर्गम
  • Offshore Certificates of Deposit का निर्गम

इन माध्यमों से की जाने वाली कुल उधारी के लिए संशोधित सीमा USD 5.00 अरब तक रखी गई है। हालांकि, बोर्ड की यह मंजूरी अपने आप में किसी एक निर्गम के लॉन्च, मूल्य निर्धारण या पूर्ण होने की घोषणा नहीं है। फाइलिंग केवल स्वीकृत सीमा और संभावित साधनों की जानकारी देती है।

बैंक ने यह सूचना SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के लागू प्रावधानों के तहत शेयर बाजारों को दी। घोषणा BSE के साथ National Stock Exchange of India Limited को भी संबोधित थी।

बोर्ड बैठक का समय

ICICI Bank की बोर्ड बैठक सुबह 10:28 बजे शुरू हुई और सुबह 10:44 बजे समाप्त हुई। BSE पर बोर्ड बैठक का नतीजा 21 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया। दस्तावेज पर बैंक की Company Secretary Prachiti Lalingkar ने हस्ताक्षर किए।

फाइलिंग की प्रति New York Stock Exchange, Singapore Stock Exchange, Japan Securities Dealers Association और SIX Swiss Exchange Limited को भी भेजे जाने का उल्लेख है। उपलब्ध घोषणा में यह नहीं बताया गया कि संशोधित सीमा के तहत पहली पेशकश कब की जाएगी या बैंक एक साथ अथवा अलग-अलग चरणों में इन ऋण साधनों का उपयोग करेगा। इसलिए बाजार के लिए सत्यापित सूचना फिलहाल बोर्ड की मंजूरी, USD 5.00 अरब की अधिकतम संशोधित सीमा और सूचीबद्ध उधारी माध्यमों तक सीमित है।

Source: BSE corporate announcement.