कैनरा बैंक ने बेसल III एडिशनल टियर 1 बॉन्ड से जुटाए 2,042 करोड़ रुपये, जानें पूरी डिटेल
बैंक ने 16 सितंबर 2026 को इश्यू खोला और उसी दिन बंद कर दिया। आवंटन 18 सितंबर को पूरा हुआ। कैनरा बैंक ने साफ किया कि NSE पर लिस्टिंग की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और एक्सचेंजों को इसकी जानकारी दी जाएगी।

कैनरा बैंक ने बेसल III कंप्लायंट एडिशनल टियर 1 बॉन्ड के जरिए 2,042 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। बैंक ने 19 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को भेजे पत्र में यह जानकारी दी। यह इश्यू 8.10 प्रतिशत कूपन वाला अनसिक्योर्ड, सब्सॉर्डिनेटेड, लिस्टेड, रेटेड, नॉन-कन्वर्टिबल, पेरपेचुअल और टैक्सेबल बॉन्ड है।
मुख्य बातें एक नजर में
- इश्यू साइज: 4,500 करोड़ रुपये (बेस 2,000 करोड़ + ग्रीन शू 2,500 करोड़)
- स्वीकृत राशि: 2,042 करोड़ रुपये (बेस 2,000 करोड़ + ग्रीन शू 42 करोड़)
- बॉन्ड की संख्या: 2,042
- फेस वैल्यू: 1 करोड़ रुपये प्रति बॉन्ड
- ISIN: INE476A08282
- कूपन रेट: 8.10 प्रतिशत
- ब्याज भुगतान: हर साल 18 सितंबर को
- आवंटन तिथि: 18 सितंबर 2026
- रिडेम्प्शन: पेरपेचुअल (स्थायी)
- सुरक्षा: अनसिक्योर्ड
- आवंटियों की संख्या: 29
- लिस्टिंग: NSE पर प्रस्तावित
बैंक ने 16 सितंबर 2026 को इश्यू खोला और उसी दिन बंद कर दिया। आवंटन 18 सितंबर को पूरा हुआ। कैनरा बैंक ने साफ किया कि NSE पर लिस्टिंग की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और एक्सचेंजों को इसकी जानकारी दी जाएगी।
एडिशनल टियर 1 बॉन्ड क्या हैं?
बेसल III नियमों के तहत बैंक अपनी पूंजी मजबूती के लिए एडिशनल टियर 1 (AT1) बॉन्ड जारी करते हैं। ये बॉन्ड पेरपेचुअल होते हैं यानी कोई तय मैच्योरिटी डेट नहीं होती। इनमें निवेशक को नियमित ब्याज मिलता है, लेकिन पूंजी नुकसान की स्थिति में ये लिखे जा सकते हैं या इक्विटी में बदले जा सकते हैं। कैनरा बैंक का यह इश्यू पूरी तरह बेसल III अनुरूप है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
8.10 प्रतिशत का कूपन रेट मौजूदा बाजार स्थितियों में आकर्षक माना जा रहा है। ब्याज हर साल 18 सितंबर को मिलेगा। चूंकि बॉन्ड अनसिक्योर्ड और सब्सॉर्डिनेटेड हैं, इसलिए इनमें रिस्क अपेक्षाकृत अधिक होता है। लिस्टिंग के बाद ये NSE पर ट्रेड हो सकेंगे, जिससे लिक्विडिटी मिलेगी।
कैनरा बैंक के कंपनी सचिव संतोष कुमार बारिक ने स्टॉक एक्सचेंजों को पत्र लिखकर यह अपडेट दिया है। बैंक ने इससे पहले 16 सितंबर को भी इश्यू की जानकारी दी थी।
यह इश्यू बैंक की पूंजी पर्याप्तता अनुपात को मजबूत करने में मदद करेगा। बाजार के जानकारों के अनुसार, सरकारी बैंकों द्वारा AT1 बॉन्ड जारी करने का सिलसिला जारी है क्योंकि ये पूंजी जुटाने का प्रभावी तरीका साबित हो रहे हैं।
लेख में तथ्यों को सीधे बैंक के आधिकारिक पत्र से लिया गया है। निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय सलाहकार से जरूर सलाह लें।
