मुंबई, 21 सितंबर 2026: बैंक ऑफ बड़ौदा ने आज औपचारिक रूप से अपनी नई सब्सिडियरी कंपनी BOB पेंशन फंड मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉरपोरेशन प्राप्त कर लिया है। यह कंपनी कंपनियों अधिनियम 2013 की धारा 8 के तहत स्थापित की गई है।

बैंक ऑफ बड़ौदा इस नई कंपनी का प्रारंभिक सब्सक्राइबर है। कंपनी का कॉर्पोरेट आइडेंटिटी नंबर (CIN) U65300MH2026PLC475895 है। कंपनी का अधिकृत शेयर कैपिटल 100 करोड़ रुपये रखा गया है। फिलहाल कंपनी ने व्यवसाय शुरू नहीं किया है, इसलिए टर्नओवर की कोई जानकारी लागू नहीं होती।

क्यों बनाई गई यह कंपनी?

यह कंपनी पेंशन फंड मैनेजर के रूप में काम करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य पेंशन फंड में योगदान प्राप्त करना, उसे जमा करना, निवेश करना, प्रबंधन करना और सब्सक्राइबर्स या लाभार्थियों को भुगतान करना है। कंपनी पूरी तरह से PFRDA (पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) के नियमों के तहत काम करेगी।

शेयरहोल्डिंग और निवेश

बैंक ऑफ बड़ौदा कंपनी में 80.10 प्रतिशत हिस्सेदारी रखेगा। इसके लिए बैंक 8,00,99,950 इक्विटी शेयर (प्रत्येक 10 रुपये का) सब्सक्राइब करेगा। कुल प्रस्तावित निवेश लगभग 80.10 करोड़ रुपये का है, जो नकद में किया जाएगा। इस अधिग्रहण को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

रेगुलेटरी मंजूरी

  • PFRDA से 5 मई 2026 को प्रस्तावित पेंशन फंड के स्पॉन्सर के रूप में नियुक्ति का पत्र मिला था।
  • आरबीआई से 10 जुलाई 2026 को नई सब्सिडियरी बनाने और 80.10 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने की मंजूरी मिली थी।

यह लेन-देन संबंधित पक्ष लेन-देन की श्रेणी में नहीं आता।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने यह जानकारी सेबी (एलओडीआर) रेगुलेशन 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत बीएसई और एनएसई को दी है। बैंक ने पहले 6 मई 2026 को भी इस संबंध में जानकारी दी थी।

बाजार और निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

बैंक ऑफ बड़ौदा का यह कदम पेंशन सेक्टर में उसकी उपस्थिति को मजबूत करेगा। देश में बढ़ती बुजुर्ग आबादी और पेंशन योजनाओं की मांग को देखते हुए बैंक का यह निवेश लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकता है। कंपनी अभी नई है और व्यवसाय शुरू नहीं हुआ है, इसलिए शुरुआती सालों में इसका वित्तीय प्रभाव सीमित रहेगा।

बैंक ऑफ बड़ौदा के कंपनी सचिव एस. बालाकुमार ने इस जानकारी को स्टॉक एक्सचेंजों को भेजा है।