ओडिशा में बनेगा नया सिलिकॉन वैली: नराज में 870 एकड़ का सेमीकंडक्टर हब
मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, प्रस्तावित हब में बड़े सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी प्रोजेक्ट्स को जगह मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक नराज की लोकेशन रणनीतिक रूप से मजबूत है। यह कटक-भुवनेश्वर अर्बन कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है। यहां से पारादीप और धामरा जैसे प्रमुख बंदरगाहों तक मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध है। राष्ट्रीय राजमार्गों से भी सीधा संपर्क है। ये सुविधाएं नराज को सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और संबंधित उद्योगों का महत्वपूर्ण केंद्र बना सकती हैं।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित SEMICON India 2026 के दौरान बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कटक के पास नराज में 870 एकड़ क्षेत्र में सिलिकॉन वैली विकसित करने की घोषणा की। यह परियोजना राज्य में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी निवेश को आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, प्रस्तावित हब में बड़े सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी प्रोजेक्ट्स को जगह मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक नराज की लोकेशन रणनीतिक रूप से मजबूत है। यह कटक-भुवनेश्वर अर्बन कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है। यहां से पारादीप और धामरा जैसे प्रमुख बंदरगाहों तक मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध है। राष्ट्रीय राजमार्गों से भी सीधा संपर्क है। ये सुविधाएं नराज को सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और संबंधित उद्योगों का महत्वपूर्ण केंद्र बना सकती हैं।
पानी और बिजली की जरूरत पूरी करने में नराज फायदे में
सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और असेंबली यूनिट्स को पानी और बिजली की नियमित आपूर्ति जरूरी होती है। नराज महानदी नदी के करीब स्थित है। यह औद्योगिक पानी की जरूरत पूरी करने में लोकेशनल एडवांटेज देता है। कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की संभावनाओं के साथ नराज सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम विकसित करने का मजबूत आधार प्रदान करता है।
इकोसिस्टम पर फोकस, सिर्फ प्रोजेक्ट नहीं
राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा कि ओडिशा का नजरिया अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर निवेश के आसपास पूरा इकोसिस्टम बनाने का है। उन्होंने बताया, “हमारा दृष्टिकोण सेमीकंडक्टर निवेशों के चारों ओर इकोसिस्टम खड़ा करना है, न कि प्रोजेक्ट्स को अलग-अलग देखना। ओडिशा ने ISM 2.0 के साथ अपनी नीतिगत रूपरेखा को जल्दी से जोड़ लिया है। साथ ही उपकरण, सामग्री, गैस और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहायता का दायरा भी बढ़ाया है।”
क्यों महत्वपूर्ण है यह ऐलान?
भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की राष्ट्रीय कोशिशों के बीच ओडिशा का यह कदम महत्वपूर्ण है। नराज सिलिकॉन वैली परियोजना से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। स्थानीय युवाओं को स्किल डेवलपमेंट का मौका मिलेगा। साथ ही राज्य में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का आधार मजबूत होगा। पारादीप और धामरा पोर्ट्स की नजदीकी से निर्यात और आयात दोनों आसान होंगे। महानदी के पानी की उपलब्धता से पानी की कमी वाली चुनौती भी कम होने की संभावना है।
ओडिशा सरकार सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सेक्टर को प्राथमिकता दे रही है। SEMICON India 2026 में मुख्यमंत्री का यह ऐलान राज्य की औद्योगिक नीति को स्पष्ट करता है। नराज को सिलिकॉन वैली के रूप में विकसित करने की योजना से पूर्वी भारत में नया टेक्नोलॉजी हब बनने की राह खुल सकती है।
यह घोषणा ओडिशा को भारत के सेमीकंडक्टर मैप पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। आगे की योजनाओं और निवेश संबंधी अपडेट्स पर नजर रखनी होगी।
