उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील में 26 हेक्टेयर (करीब 65 एकड़) बंजर भूमि को केंद्रीय गृह मंत्रालय को निशुल्क हस्तांतरित करने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया। यह भूमि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए दी जाएगी।

वित्त एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राम मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख सांस्कृतिक, धार्मिक और सामरिक केंद्र के रूप में उभरा है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में भक्त, पर्यटक और विशिष्ट अतिथि लगातार यहां आ रहे हैं। इससे क्षेत्र की सुरक्षा संवेदनशीलता भी काफी बढ़ गई है। इसी को देखते हुए अयोध्या में NSG की स्थायी तैनाती जरूरी हो गई है।

भूमि का विवरण और शर्तें

यह जमीन मिल्कीपुर तहसील के ग्राम पूरे लालखां में स्थित है। इसका बाजार मूल्य लगभग 16.90 करोड़ रुपये आंका गया है। कैबिनेट ने स्पष्ट किया है कि हस्तांतरित भूमि का इस्तेमाल सिर्फ NSG क्षेत्रीय हब की स्थापना के लिए ही होगा। किसी अन्य उद्देश्य के लिए इसका उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए राजस्व विभाग के भूमि आवंटन संबंधी प्रावधानों में विशेष छूट दी गई है। शर्त यह भी रखी गई है कि तीन साल के अंदर अगर भूमि का प्रस्तावित उपयोग नहीं होता या भविष्य में जरूरत खत्म हो जाती है तो जमीन स्वतः उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग के पास वापस चली जाएगी।

राम मंदिर सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता

सरकार का मकसद साफ है। NSG का यह क्षेत्रीय केंद्र राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा। साथ ही अयोध्या में किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से निपटने और आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता बढ़ाएगा। अयोध्या धाम अब सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं रह गया है, बल्कि पर्यटन और रणनीतिक महत्व का केंद्र भी बन चुका है। ऐसे में उच्च स्तरीय सुरक्षा बल की स्थायी मौजूदगी समय की जरूरत है।

यह फैसला अयोध्या की बढ़ती भीड़ और सुरक्षा संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। योगी सरकार लगातार राम मंदिर और पूरे अयोध्या क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर सजग रही है। पहले भी सुरक्षा संबंधी कई कदम उठाए जा चुके हैं। अब NSG क्षेत्रीय केंद्र के आने से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो सकेगी।

अयोध्या में NSG केंद्र की स्थापना न सिर्फ स्थानीय सुरक्षा को मजबूत करेगी बल्कि पूरे पूर्वांचल क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। सरकार का यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखकर लिया गया लगता है।