Spandana Sphoorty Financial Ltd ने 7 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि India Ratings and Research ने उसके गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (NCDs) और बैंक ऋणों का आउटलुक Negative से Stable कर दिया है। Spandana रेटिंग समीक्षा में दोनों सुविधाओं की IND BBB+ रेटिंग बरकरार रखी गई है। इनकी कुल रेटेड सीमा ₹1,500 करोड़ है।

रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2025 और वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही के दबाव के बाद कंपनी की ऋण साख में स्थिरता आने का उल्लेख किया। आउटलुक में बदलाव के पीछे बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता, संशोधित ऋण मूल्यांकन ढांचे के तहत दिए गए कर्ज की मजबूत वसूली और तिमाही मुनाफे में वापसी प्रमुख आधार रहे।

  • NCDs की रेटेड सीमा ₹1,120 करोड़ से घटकर ₹500 करोड़ हुई।
  • बैंक ऋण सुविधाओं की रेटेड सीमा ₹1,500 करोड़ से घटकर ₹1,000 करोड़ हुई।

यह कार्रवाई आउटलुक में संशोधन है; मूल क्रेडिट रेटिंग में बढ़ोतरी नहीं हुई है।

वसूली सुधरी, नए ऋणों में कम दबाव

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी की मासिक संग्रह दक्षता 95.9% रही, जबकि एक साल पहले यह 90.6% थी। जून 2026 तक करीब 91% AUM संशोधित ऋण मूल्यांकन ढांचे के तहत दिए गए कर्ज से बना था। इन खातों में 99.2% की किस्तें समय पर थीं।

समेकित AUM दिसंबर 2025 के ₹3,948 करोड़ से बढ़कर जून 2026 में ₹4,887 करोड़ हुआ। हालांकि, यह मार्च 2024 के ₹11,973 करोड़ के उच्च स्तर से नीचे रहा। पिछले वर्षों में बड़े राइट-ऑफ और कम ऋण वितरण से कारोबार का आकार घटा था।

पहली तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ ₹11.88 करोड़ रहा, जिसमें अतिरिक्त प्रावधानों की वापसी से मदद मिली। इससे पहले चौथी तिमाही में ₹5.27 करोड़ का लाभ हुआ था। पूरे वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को ₹699.15 करोड़ का समेकित घाटा हुआ था।

पूंजी पर्याप्त, उधारी लागत पर नजर

जून 2026 में समेकित पूंजी पर्याप्तता अनुपात 33.8% और ऋण का मूर्त नेटवर्थ से अनुपात 3.0 गुना था। Ind-Ra ने तरलता को पर्याप्त बताया। अगस्त 2026 में कंपनी के पास ₹912 करोड़ की भारमुक्त नकदी और नकदी समकक्ष थे, जबकि सितंबर के निर्धारित ऋण भुगतान और परिचालन खर्च ₹587 करोड़ थे।

एजेंसी के अनुसार, समान रेटिंग वाले प्रतिस्पर्धियों की तुलना में ऊंची उधारी लागत और सीमित लाभप्रदता बाधाएं बनी हुई हैं। असुरक्षित माइक्रोफाइनेंस ऋणों से जुड़े सामाजिक-राजनीतिक तथा परिचालन जोखिम भी कायम हैं।

Criss Financial Limited के प्रस्तावित विलय को बोर्ड की मंजूरी मिली है, लेकिन अन्य आवश्यक मंजूरियां बाकी हैं। समेकित आधार पर मूल्यांकन होने के कारण एजेंसी को विलय से क्रेडिट आकलन में ठोस बदलाव की उम्मीद नहीं है।