सीबीआई संयुक्त निदेशक नितिन दीप बलग्गन का कार्यकाल एक साल बढ़ा, एसीसी ने दी मंजूरी
यह निर्णय डीओपीटी के एवी डिवीजन के नोट संख्या 202/72/2024-एवीडी-11 दिनांक 19 अगस्त 2026 के संदर्भ में लिया गया। आदेश 16 सितंबर 2026 को जारी किया गया।

नई दिल्ली। भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के नियुक्ति समिति (एसीसी) ने सीबीआई के संयुक्त निदेशक नितिन दीप बलग्गन का प्रतिनियुक्ति कार्यकाल एक साल बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।
आधिकारिक आदेश संख्या 6/02/2023-ईओ (एसएम-I) के अनुसार, यह विस्तार 8 अक्टूबर 2026 के बाद एक वर्ष के लिए या आगे के आदेश तक, जो भी पहले हो, लागू होगा। यह आईपीएस टेन्योर पॉलिसी में छूट देते हुए किया गया है। नितिन दीप बलग्गन आईपीएस अधिकारी हैं और राजस्थान कैडर (2003 बैच) से हैं।
यह निर्णय डीओपीटी के एवी डिवीजन के नोट संख्या 202/72/2024-एवीडी-11 दिनांक 19 अगस्त 2026 के संदर्भ में लिया गया। आदेश 16 सितंबर 2026 को जारी किया गया।
विस्तार क्यों महत्वपूर्ण है?
सीबीआई में संयुक्त निदेशक का पद महत्वपूर्ण जांच और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है। आठवें वर्ष के बाद भी कार्यकाल बढ़ाना एजेंसी में निरंतरता बनाए रखने और चल रहे मामलों में अनुभव का लाभ लेने के लिए किया जाता है। आईपीएस टेन्योर पॉलिसी सामान्य रूप से प्रतिनियुक्ति की अवधि सीमित रखती है, लेकिन एसीसी विशेष परिस्थितियों में छूट दे सकती है।
आधिकारिक प्रक्रिया
आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यह मंजूरी कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रस्ताव पर एसीसी ने दी। इसकी प्रतियां प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं।
यह विकास सीबीआई की मौजूदा नेतृत्व संरचना में स्थिरता का संकेत देता है। नितिन दीप बलग्गन सीबीआई में संयुक्त निदेशक के रूप में पहले से कार्यरत हैं और उनका अनुभव एजेंसी के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
मुख्य बातें एक नजर में:
- अधिकारी: नितिन दीप बलग्गन, आईपीएस (राजस्थान 2003)
- पद: संयुक्त निदेशक, सीबीआई
- विस्तार: 08 अक्टूबर 2026 के बाद एक वर्ष या आगे के आदेश तक
- आधार: आईपीएस टेन्योर पॉलिसी में छूट
- जारी करने वाली एजेंसी: नियुक्ति समिति (एसीसी), डीओपीटी
सरकारी आदेशों के अनुसार ऐसे विस्तार समय-समय पर महत्वपूर्ण पदों पर निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए किए जाते हैं। पूर्ण विवरण के लिए आधिकारिक दस्तावेज का संदर्भ लिया जा सकता है।
(स्रोत: भारत सरकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग का आधिकारिक आदेश दिनांक 16 सितंबर 2026)
