SBI Funds Management Q1 FY27 earnings call का transcript कंपनी ने 7 अगस्त 2026 को BSE में दाखिल किया। यह कॉल 3 अगस्त 2026 को जून तिमाही के वित्तीय प्रदर्शन पर आयोजित हुई थी। कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान उसका mutual fund quarterly average assets under management यानी QAAUM ₹12.6 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹11.4 लाख करोड़ से 11% अधिक है। कुल QAAUM के आधार पर कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 15.1% रही।

प्रबंधन ने कहा कि घरेलू आर्थिक गति, कंपनियों की स्वस्थ earnings और अनुकूल equity market परिस्थितियों ने निवेश माहौल को सहारा दिया, हालांकि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों, liquidity और commodities में बीच-बीच में अस्थिरता बनी रही। भारतीय परिवारों की बचत का वित्तीय परिसंपत्तियों की ओर रुझान जारी रहने से विभिन्न निवेश श्रेणियों में भागीदारी स्थिर रही। यह listing के बाद कंपनी की पहली earnings call थी।

Active और passive assets में बढ़ोतरी

कंपनी के अनुसार active QAAUM ₹8.6 लाख करोड़ रहा, जिसमें सालाना आधार पर 10% की वृद्धि और तीन वर्षों में 21% CAGR दर्ज किया गया। प्रबंधन ने इसके पीछे निरंतर प्रदर्शन और स्वस्थ निवेश प्रवाह का उल्लेख किया। Passive QAAUM 12% सालाना बढ़कर ₹4 लाख करोड़ पहुंच गया, जिससे ETFs और index funds वाले segment में कंपनी की स्थिति मजबूत बनी रही।

Non-mutual fund business में PMS, advisory, offshore और AIF assets को मिलाकर कुल AUM ₹16.5 लाख करोड़ बताया गया। AIF assets 29% सालाना बढ़कर ₹6,800 करोड़ रहे, जबकि offshore funds ने कुल AUM में लगभग ₹45,000 करोड़ का योगदान किया। ये आंकड़े कंपनी के mutual fund और वैकल्पिक निवेश कारोबार के आकार की अलग-अलग तस्वीर पेश करते हैं। प्रबंधन टीम में Managing Director एवं CEO Debasish Mishra सहित Joint CEO, CFO, strategy, technology, investor relations, compliance और legal अधिकारी शामिल थे।

Industry flows पर प्रबंधन का आकलन

SBI Funds Management ने कहा कि mutual fund industry का QAAUM सालाना करीब 15% बढ़ा और तिमाही आधार पर broadly stable रहा। Monthly SIP inflows ₹31,000 करोड़ से अधिक बने रहे। Equity-oriented assets में मजबूत सालाना विस्तार दिखा, जिसमें small और mid-cap segments ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि large-cap gains अपेक्षाकृत सीमित रहे।

Institutional redemptions और कम short-term liquidity के कारण debt assets में नरमी आई। इसके विपरीत, ETFs और index funds की institutional तथा retail investors के बीच स्वीकार्यता बढ़ने से passive products का विस्तार जारी रहा। कंपनी ने transcript अपनी website पर भी उपलब्ध कराया है। BSE disclosure Regulation 30 और लागू SEBI Listing Regulations के तहत किया गया।