कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई मंत्रालय) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत सेंट्रल सेक्रेटेरिएट सर्विस (सीएसएस) अधिकारी सुश्री मर्सी एपाओ का जॉइंट सेक्रेटरी पद पर कार्यकाल 23 अगस्त 2026 के बाद एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। यह विस्तार अगले आदेश तक या एक साल तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगा।

सुश्री मर्सी एपाओ एमएसएमई मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी के रूप में काम कर रही हैं। वे स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एसएमई) डिवीजन से जुड़ी जिम्मेदारियों को संभालती रही हैं। इनमें नेशनल एससी/एसटी हब स्कीम, इंटरनेशनल को-ऑपरेशन स्कीम, नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन (एनएसआईसी) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (नीएमएसएमई) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। साथ ही मीडिया और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन का काम भी उनके पास रहा है।

वे दिल्ली विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट हैं और करीब तीन दशक से केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में सेवा दे रही हैं। वित्त, आवास एवं शहरी मामलों और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) जैसे विभागों में उनके अनुभव ने एमएसएमई क्षेत्र में नीतिगत काम को मजबूत बनाने में मदद की है। हाल के वर्षों में उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र को निर्यात बढ़ावा, हरित प्रौद्योगिकी अपनाने और पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमों को सहायता देने पर जोर दिया है।

एमएसएमई क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। रोजगार सृजन, निर्यात और क्षेत्रीय विकास में इसकी भूमिका अहम है। सुश्री एपाओ के कार्यकाल विस्तार से मंत्रालय की चल रही योजनाओं और नई नीतिगत पहलों में निरंतरता बनी रहेगी। सरकार एमएसएमई को और मजबूत बनाने के लिए नीतिगत हस्तक्षेप और नई योजनाएं ला रही है। इसमें निर्यात केंद्र की स्थापना, हरित निवेश योजनाएं और क्षमता निर्माण जैसे प्रयास शामिल हैं।

यह फैसला प्रशासनिक स्थिरता और अनुभवी अधिकारियों की निरंतरता को महत्व देने वाला माना जा रहा है। एमएसएमई मंत्रालय के तहत चल रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अनुभवी नेतृत्व जरूरी है। सुश्री मर्सी एपाओ के विस्तारित कार्यकाल से मंत्रालय की प्राथमिकताओं पर काम जारी रहेगा।

(नोट: यह सूचना आधिकारिक अनुमोदन पर आधारित है। आगे के आदेशों के अनुसार बदलाव संभव है।)