NLC India ने 708.96 MW Renewable Energy Assets के हाइव-ऑफ हेतु Addendum किया
NLC India ने 708.96 MW Renewable Energy Assets को सहायक कंपनी NIRL में हाइव-ऑफ करने के लिए Business Transfer Agreement में Addendum किया।

NLC India Renewable Energy Assets transfer से जुड़े एक नए घटनाक्रम में NLC India Ltd ने 3 सितंबर 2026 को BSE को बताया कि उसने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी NLC India Renewables Limited (NIRL) के साथ Business Transfer Agreement में Addendum पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 708.96 MW की Renewable Energy Assets के प्रस्तावित हाइव-ऑफ से संबंधित है। इन परिसंपत्तियों में 4 MW का Green Hydrogen Project भी शामिल है और ये निर्माण अथवा परिचालन के विभिन्न चरणों में हैं।
कंपनी की यह सूचना 31 अक्टूबर 2025 को दिए गए उसके पिछले इंटिमेशन की अगली कड़ी है। ताजा खुलासा SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के Regulation 30 और 51 के तहत किया गया है।
ट्रांसफर की वित्तीय रूपरेखा
फाइलिंग के अनुसार, ट्रांसफर के लिए प्रस्तावित परिचालन Renewable Energy Assets से वित्त वर्ष 2025-26 में Rs. 41.16 करोड़ का राजस्व आया था। यह 31 मार्च 2026 के audited consolidated financial statements के आधार पर कंपनी के Rs. 17,489.53 करोड़ के राजस्व का 0.24% था।
| विवरण | फाइलिंग में दर्ज आंकड़ा | कंपनी के आंकड़े में हिस्सा |
|---|---|---|
| परिचालन RE Assets का राजस्व | Rs. 41.16 करोड़ | 0.24% राजस्व |
| RE Assets की Net Worth | Rs. 925.08 करोड़ | 4.30% Net Worth |
इन RE Assets की Net Worth Rs. 925.08 करोड़ थी। कंपनी की Rs. 21,524.76 करोड़ की Net Worth—अर्थात owners को attributable total equity—के मुकाबले यह 4.30% रही। दोनों आंकड़े 31 मार्च 2026 के audited financial statements पर आधारित हैं।
NIRL के साथ सौदे की शर्तें
- प्रस्तावित sale/disposal को तीन महीने के भीतर पूरा किए जाने की उम्मीद है।
- NIRL प्रतिफल का भुगतान नकद अथवा debt acknowledgement के रूप में करेगी।
- Holding Company और wholly owned subsidiary के बीच होने के कारण यह related-party transaction है।
- लेनदेन RE Assets की Book Value पर किया जा रहा है।
NLC India ने कहा कि किसी amalgamation या merger की परिकल्पना नहीं है। कंपनी के अनुसार, NIRL उसकी 100% subsidiary है, इसलिए इस लेनदेन पर Regulation 37A का अनुपालन लागू नहीं है। RE Assets को NLC India की पुस्तकों से NIRL की पुस्तकों में हाइव-ऑफ किया जाएगा। संबंधित सूचना कंपनी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
Source: BSE corporate announcement.
