Mishra Dhatu Nigam: MIDHANI पर जुर्माना: BSE और NSE ने ₹12.59 लाख प्रत्येक की पेनल्टी लगाई
BSE और NSE ने MIDHANI पर ₹12.59 लाख का अलग-अलग जुर्माना लगाया। कंपनी पेनल्टी माफी का अनुरोध करेगी और फिलहाल भुगतान नहीं किया है।

MIDHANI पर जुर्माना लगाए जाने की जानकारी Mishra Dhatu Nigam Ltd ने 26 अगस्त 2026 को BSE फाइलिंग में दी। कंपनी के अनुसार, BSE और NSE ने 25 अगस्त 2026 को 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही से जुड़े SEBI LODR अनुपालन उल्लंघनों के लिए अलग-अलग पेनल्टी लगाई है।
दोनों स्टॉक एक्सचेंज ने कंपनी पर ₹12,59,060 प्रत्येक का जुर्माना लगाया है। इस राशि में GST शामिल है। इस तरह BSE और NSE की ओर से लगाई गई पेनल्टी अलग-अलग है।
किन नियमों के अनुपालन में कमी बताई गई
एक्सचेंज की कार्रवाई SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के तहत हुई है। MIDHANI ने फाइलिंग में निम्न प्रावधानों का उल्लेख किया:
- Regulation 17(1) और Regulation 17(2A)
- Regulation 18(1)
- Regulation 19(1) और Regulation 19(2)
- Regulation 20(2)/(2A)
- Regulation 21(2)
MIDHANI ने अभी नहीं चुकाया जुर्माना
कंपनी ने स्पष्ट किया कि फाइलिंग की तारीख तक उसने Board composition से संबंधित गैर-अनुपालन के लिए स्टॉक एक्सचेंजों को कोई जुर्माना नहीं चुकाया है। MIDHANI के मुताबिक, उसके Board में Directors की नियुक्ति का अधिकार कंपनी के पास नहीं है।
फाइलिंग में कहा गया कि Directors की नियुक्ति का अधिकार President of India के पास है, जो Ministry of Defence के माध्यम से कार्य करते हैं। इसलिए MIDHANI Board की Directors की नियुक्ति में कोई भूमिका नहीं है। कंपनी ने इसी प्रशासनिक व्यवस्था को अनुपालन पूरा न हो पाने के संदर्भ में रखा है।
Mishra Dhatu Nigam Ltd भारत सरकार का उपक्रम है। इसका BSE scrip code 541195 और NSE trading symbol MIDHANI है। कंपनी ने Regulation 30 के तहत एक्सचेंजों और सदस्यों को पेनल्टी की सूचना दी।
पेनल्टी माफी के लिए आवेदन करेगी कंपनी
MIDHANI ने बताया कि वह BSE और NSE के समक्ष जुर्माना माफ करने का अनुरोध पेश करेगी। यह अनुरोध NSE के 31 मार्च 2022 के circular संख्या NSE/CML/51846 और असंभव अनुपालन की स्थिति में जुर्माने से छूट की नीति के अनुरूप प्रस्तुत किया जाएगा।
कंपनी ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि BSE और NSE द्वारा लगाया गया यह जुर्माना उसके वित्तीय, परिचालन या अन्य कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं डालता। फाइलिंग पर Company Secretary एवं Compliance Officer Paul Antony के हस्ताक्षर हैं।
Source: BSE corporate announcement.
